Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 10 Apr, 2026 05:58 PM

भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में श्रीगंगानगर–बठिंडा रेलखंड पर जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू होने जा रहा है।
रेलवे की बड़ी उपलब्धि
भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में श्रीगंगानगर–बठिंडा रेलखंड पर जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू होने जा रहा है।
मई 2026 से इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनें दौड़ेंगी, जिससे यात्रियों को तेज और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।
127 किमी ट्रैक पूरी तरह इलेक्ट्रिफाइड
करीब 127 किलोमीटर लंबा श्रीगंगानगर–बठिंडा रेलखंड अब पूरी तरह इलेक्ट्रिफाइड हो चुका है।
इस परियोजना का काम पूरा हो चुका है और ट्रायल भी सफल रहे हैं, जिससे अब संचालन शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
इंजन बदलने की परेशानी होगी खत्म
अब तक इस रूट पर ट्रेनों को बठिंडा में इंजन बदलना पड़ता था, जिससे समय ज्यादा लगता था और देरी होती थी।
लेकिन इलेक्ट्रिक ट्रेनों के शुरू होने के बाद यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इससे यात्रा समय में कमी आएगी और ट्रेनों की समयपालन क्षमता बेहतर होगी।
बिजली आपूर्ति की बाधा भी होगी दूर
अब तक अबोहर–श्रीगंगानगर सेक्शन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था।
बल्लूआना में बन रहा ट्रैक्शन सब स्टेशन (TSS) अब अंतिम चरण में है, जिसे 30 अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद हाई पावर सप्लाई उपलब्ध हो जाएगी।
यात्रियों को मिलेंगे ये फायदे
इस परियोजना के शुरू होने से यात्रियों और रेलवे दोनों को कई फायदे मिलेंगे:
- यात्रा समय में कमी
- ट्रेन की लेटलतीफी में सुधार
- बेहतर समयपालन
- प्रदूषण में कमी
- ऊर्जा दक्षता में वृद्धि
- रेलवे की परिचालन लागत में कमी
भविष्य में बढ़ेगी सुविधाएं
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भविष्य में इस रूट पर ईएमयू ट्रेनों के संचालन की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे स्थानीय यात्रियों को और बेहतर सुविधा मिलेगी।
फैक्ट फाइल
- कुल रेलखंड: 127 किमी (श्रीगंगानगर–बठिंडा)
- इलेक्ट्रिफिकेशन: कार्य पूर्ण, ट्रायल सफल
- टीएसएस: बल्लूआना (30 अप्रैल तक पूर्ण होने की संभावना)
- संचालन: मई 2026 से प्रस्तावित
- मुख्य लाभ: बिना इंजन बदलाव, तेज यात्रा