राजसमन्द में हैड कांस्टेबल रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

Edited By Kailash Singh, Updated: 04 Aug, 2025 05:44 PM

head constable arrested red handed taking bribe in rajsamand

एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इन्टेलीजेन्स युनिट उदयपुर ने कार्यवाही की है। इकाई द्वारा आज कार्यवाही करते हुये आरोपी कृष्ण कुमार मीणा, उम्र 45 वर्ष, हाल हैडकानि नम्बर 447 पुलिस थाना खमनोर, जिला राजसमन्द को बीस हजार रूपये...

जयपुर। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इन्टेलीजेन्स युनिट उदयपुर ने कार्यवाही की है। इकाई द्वारा आज कार्यवाही करते हुये आरोपी कृष्ण कुमार मीणा, उम्र 45 वर्ष, हाल हैडकानि नम्बर 447 पुलिस थाना खमनोर, जिला राजसमन्द को बीस हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव ने बताया की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इन्टेलीजेन्स युनिट उदयपुर को एक शिकायत इस आशय की मिली की दिनांक 01.08.2025 को परिवादी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (इन्टेलीजेन्स यूनिट) उदयपुर में उपस्थित होकर स्वयं हस्तलिखित रिपोर्ट इस आशय की पेश की थी की मुझ प्रार्थी को पुलिस थाना खमनोर जिला राजसमन्द मे दर्ज प्रकरण  में लुट का आरोपी नहीं बनाने एवं मेरी जब्त शुदा कार को छोडने की एवज में थानाधिकारी खमनोर शैतान सिंह नाथावत, का रीडर  कृष्णकुमार हैडकानि पुलिस थाना खमनोर 25,000/- रूपये की रिश्वत राशि की मांग कर रहे है, पूर्व में मुझसे डरा धमका कर 35,000/- रूपये वसूल चुके है। जिस पर दिनांक 01.08.2025 को रिश्वत राशि मांग सत्यापन किया गया तो आरोपी द्वारा थानाधिकारी के नाम से रिश्वत राशि मांगे जाने की पुष्ठि होने पर आज दिनांक 04.08.2025 को आरोपी कृष्णकुमार हैडकानि को थानाधिकारी के नाम पर रिश्वत राशि 20,000/- रूपये लेते हुये रंगे हाथो गिरफ्तार किया गया, थानाधिकारी खमनोर की भुमिका मामले में संदिग्ध होने पर पूछताछ जारी है। जिस पर प्रहलाद सिंह कृष्णियां, उप महानिरीक्षक पुलिस, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों, उदयपुर रेन्ज, उदयपुर के सुपरवीजन में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो इन्टेलीजेन्स युनिट उदयपुर के नेतृत्व में आज मय डॉ. सोनू शेखावत पुलिस निरीक्षक द्वारा ट्रेप कार्यवाही करते हुए आरोपी कृष्ण कुमार मीणा को 20,000/रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्‌तार किया है। आरोपी से पूछताछ तथा कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (यथा संशोधित 1988) के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।

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