गिरल माइंस धरने पर बैठे मजदूर जैसाराम मेघवाल का निधन, रविंद्र सिंह भाटी ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

Edited By Anil Jangid, Updated: 05 Jun, 2026 07:26 PM

worker dies during giral mines protest in barmer mla ravindra singh bhati

बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले में गिरल माइंस के बाहर चल रहे श्रमिक आंदोलन के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। पिछले करीब दो महीनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे मजदूर जैसाराम मेघवाल का अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। घटना के बाद...

बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले में गिरल माइंस के बाहर चल रहे श्रमिक आंदोलन के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। पिछले करीब दो महीनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे मजदूर जैसाराम मेघवाल का अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश का माहौल है। जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

 

मृतक मजदूर की मौत की सूचना मिलते ही शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और चौहटन विधायक आदूराम मेघवाल जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान रविंद्र सिंह भाटी ने प्रशासन, राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (आरएसएमएमएल) प्रबंधन और संबंधित ठेकेदारों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया।

 

विधायक भाटी ने कहा कि जैसाराम मेघवाल ने विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन सरकार को सौंप दी थी और पिछले 60 दिनों से भीषण गर्मी, धूल और आंधी के बीच अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे थे। इसके बावजूद प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। भाटी ने आरोप लगाया कि यह केवल एक सामान्य मौत नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है।

 

गिरल माइंस में कार्यरत 100 से अधिक श्रमिकों और ड्राइवरों को हटाए जाने के विरोध में यह आंदोलन लंबे समय से जारी है। आंदोलनकारी श्रमिकों की प्रमुख मांगों में सभी निकाले गए कर्मचारियों की पुनर्बहाली, आठ घंटे की नियमित ड्यूटी व्यवस्था, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता तथा उचित वेतन और सुविधाएं शामिल हैं।

 

विशेष बात यह है कि विधायक रविंद्र सिंह भाटी स्वयं भी पिछले एक महीने से मजदूरों के समर्थन में धरना स्थल पर मौजूद रहे हैं। कुछ दिन पहले आंदोलन को लेकर उनकी नाराजगी उस समय चर्चा में आई थी, जब उन्होंने विरोध स्वरूप अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया था। हालांकि, समर्थकों और पुलिस की तत्परता से किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई।

 

जैसाराम मेघवाल की मौत के बाद आंदोलन और अधिक संवेदनशील हो गया है। श्रमिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता जारी है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह चंदावत सहित भारी पुलिस बल मौके पर तैनात है और समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!