20 साल बाद पांचना बांध से नहरों में छोड़ा गया पानी, पूजा-अर्चना के बाद खुले स्लूस गेट; किसानों में खुशी

Edited By Anil Jangid, Updated: 16 Jul, 2026 07:01 PM

water released into canals from panchna dam after 20 years

करौली: राजस्थान के करौली जिले के किसानों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत की खबर सामने आई है। करीब 20 साल बाद पांचना बांध से नहरों में जल निकासी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

करौली: राजस्थान के करौली जिले के किसानों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत की खबर सामने आई है। करीब 20 साल बाद पांचना बांध से नहरों में जल निकासी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गुरुवार शाम विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद बांध के स्लूस गेट खोले गए और नहरों में पानी छोड़ा गया।

 

पांचना बांध से पानी छोड़े जाने के मौके पर प्रशासन और जल संसाधन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर कानाराम और करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल सहित कई अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे।

 

जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता डी.के. अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता प्रकाश अंबेश और विभाग के अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को संपन्न कराया गया। नहरों में पानी छोड़े जाने से पहले पूजा-अर्चना की गई और इसके बाद अधिकारियों ने स्लूस गेट खोलकर जल प्रवाह शुरू किया।

 

इस ऐतिहासिक अवसर पर कमांड क्षेत्र के किसान प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। नहरों में पानी पहुंचने की शुरुआत होते ही क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल देखने को मिला। किसान लंबे समय से पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे थे।

 

किसानों का कहना है कि नहरों में पानी आने से सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और खेती को बड़ा लाभ मिलेगा। लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे किसानों को अब खरीफ और आगामी फसल सीजन में राहत मिलने की उम्मीद है।

 

प्रशासन ने जल निकासी की पूरी प्रक्रिया को जल संसाधन विभाग की निगरानी में पूरा कराया। अधिकारियों ने बताया कि पानी वितरण और नहर संचालन को लेकर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि कमांड क्षेत्र के किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जल उपलब्ध कराया जा सके।

 

पांचना बांध करौली जिले की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में शामिल है। इससे जुड़े किसान लंबे समय से नहरों के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। अब करीब दो दशक बाद नहरों में पानी छोड़े जाने से क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

 

जल संसाधन विभाग और प्रशासन के इस कदम को किसानों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस फैसले को लेकर उत्साह है और किसानों को उम्मीद है कि इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी तथा क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।

 

प्रशासन ने कहा है कि नहरों में पानी की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। पांचना बांध से शुरू हुई यह जल निकासी प्रक्रिया आने वाले समय में क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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