के के गुप्ता की पहल: विवेकानंद लाइब्रेरी में अब कामकाजी वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2 घंटे का विशेष स्टडी सत्र

Edited By Sourabh Dubey, Updated: 14 May, 2026 07:55 PM

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नगर परिषद द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद सार्वजनिक पुस्तकालय अब शहर के वरिष्ठ नागरिकों और नौकरीपेशा लोगों के लिए विशेष बौद्धिक केंद्र बनने जा रहा है। प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर एवं पूर्व सभापति के के गुप्ता ने पुस्तकालय में अध्ययन की बढ़ती...

डूंगरपुर। नगर परिषद द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद सार्वजनिक पुस्तकालय अब शहर के वरिष्ठ नागरिकों और नौकरीपेशा लोगों के लिए विशेष बौद्धिक केंद्र बनने जा रहा है। प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर एवं पूर्व सभापति के के गुप्ता ने पुस्तकालय में अध्ययन की बढ़ती रुचि को देखते हुए नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है।

नई व्यवस्था के तहत शहर के वरिष्ठ नागरिकों, सेवानिवृत्त अधिकारियों, सरकारी एवं निजी क्षेत्र के कर्मचारियों और कामकाजी वर्ग के लिए प्रतिदिन शाम 5 बजे से 7 बजे तक विशेष “स्टडी स्लॉट” आरक्षित किया जाएगा। यह व्यवस्था आगामी 18 मई से लागू होगी।

केके गुप्ता ने बताया कि स्वामी विवेकानंद सार्वजनिक पुस्तकालय वर्तमान में प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक संचालित हो रही है। पुस्तकालय में लगातार बढ़ती पाठकों की संख्या और अध्ययन संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह विशेष पहल शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि इस विशेष सत्र में आने वाले प्रबुद्ध नागरिकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी ताकि वे दिनभर की व्यस्तता के बाद शांत और सकारात्मक वातावरण में अध्ययन कर सकें। पुस्तकालयाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान के निर्देशन में संचालित इस लाइब्रेरी में विशेष सत्र के दौरान अलग से सहायता और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

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    केके गुप्ता ने कहा कि नगर परिषद की यह लाइब्रेरी प्रदेश की सबसे आधुनिक और सुविधा संपन्न लाइब्रेरी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है। यहां विद्यार्थियों को निशुल्क अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। छात्रों की मांग के अनुरूप तीन दिन के भीतर पुस्तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।

    उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी का उद्देश्य केवल पुस्तक उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि शहर के युवाओं को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण देना भी है। यहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थी आईएएस, आईपीएस, आरएएस, आरजेएस और आईएफएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

    इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के कामकाजी वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों को पुनः पठन-पाठन की मुख्यधारा से जोड़ना और अध्ययन संस्कृति को मजबूत करना है।

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