आबूरोड में ब्रह्माकुमारी भवन विवाद हिंसक: मारपीट में युवक और पुलिसकर्मी जख्मी

Edited By Anil Jangid, Updated: 02 Apr, 2026 03:15 PM

violence at brahma kumaris building in abu road youth and policemen injured

सिरोही: सिरोही जिले के आबूरोड सदर थाना क्षेत्र में स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान की एक भवन को लेकर विवाद बुधवार रात हिंसक रूप ले लिया। विवादित भवन पर कब्जे को लेकर हुई झड़प में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और इस बीच मौके पर मौजूद दो पुलिसकर्मी भी...

सिरोही: सिरोही जिले के आबूरोड सदर थाना क्षेत्र में स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान की एक भवन को लेकर विवाद बुधवार रात हिंसक रूप ले लिया। विवादित भवन पर कब्जे को लेकर हुई झड़प में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और इस बीच मौके पर मौजूद दो पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए।

 

एएसपी किशोर सिंह चौहान ने बताया कि विवाद निखिल सिंह और ब्रह्माकुमारी संस्थान के बीच चल रहा था। निखिल सिंह पहले संस्थान से जुड़े हुए थे, लेकिन कुछ महीनों पहले उन्हें संस्थान ने बाहर कर दिया था। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में आपसी तनाव बढ़ गया। बुधवार रात निखिल सिंह पर लगभग 15 से 20 लोगों ने हमला किया। घायल निखिल सिंह को पहले आबूरोड राजकीय अस्पताल लाया गया, लेकिन गंभीर हालत में उन्हें सिरोही और बाद में बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रिफर किया गया।

 

और ये भी पढ़े

    पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर पिंडवाड़ा डीएसपी भंवरलाल, माउंट आबू डीएसपी गोमाराम और रोहिड़ा थाना पुलिस समेत सर्कल टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। तनाव बढ़ने पर पुलिस ने 10 से अधिक लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया।

     

    घायल निखिल सिंह ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के पदाधिकारियों समेत लगभग 25 से 30 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला और मारपीट का मामला दर्ज करवाया है। वहीं, ब्रह्माकुमारी संस्थान की ओर से भी निखिल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। संस्थान के पीआरओ बीके कोमल का कहना है कि बिल्डिंग संस्थान की है और निखिल सिंह ने 31 मार्च की रात अवैध रूप से भवन में प्रवेश कर वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट की।

     

    पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है। मामले में यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि किसी भी प्रकार का सांप्रदायिक या संगठनात्मक तनाव न फैले। अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने और पुलिस की जांच में सहयोग करने की अपील की है। इस घटना से आबूरोड में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

     

    यह घटना न केवल भवन पर कब्जे के विवाद की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए भी चुनौती पेश करती है, ताकि भविष्य में ऐसी हिंसक झड़पों को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    Related Story

      Trending Topics

      img title
      img title

      Be on the top of everything happening around the world.

      Try Premium Service.

      Subscribe Now!