गौचर-ओरण भूमि पर अतिक्रमण हटाने को सख्त कानून बने: डॉ. सुरेंद्र जैन की मांग

Edited By Anil Jangid, Updated: 11 Apr, 2026 06:08 PM

vhp leader surendra jain wants strict law encroachments on gauchar oran

पुष्कर। विश्व हिंदू परिषद के दो दिवसीय अधिवक्ता अधिवेशन के दौरान केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने गौचर और ओरण भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर राज्य सरकार पर सख्त रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन पारंपरिक जमीनों को अतिक्रमण...

पुष्कर। विश्व हिंदू परिषद के दो दिवसीय अधिवक्ता अधिवेशन के दौरान केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने गौचर और ओरण भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर राज्य सरकार पर सख्त रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन पारंपरिक जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए ठोस और प्रभावी कानून बनाया जाना चाहिए।

 

पुष्कर के माहेश्वरी भवन में आयोजित अधिवेशन के दौरान प्रेसवार्ता में डॉ. जैन ने कहा कि गांवों में सदियों से गौचर और ओरण भूमि समाज की साझा संपत्ति रही है, लेकिन वर्तमान में इन पर तेजी से अवैध कब्जे हो रहे हैं। इससे न केवल पशुपालन प्रभावित हो रहा है, बल्कि सामाजिक संतुलन भी बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही इस दिशा में कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

 

धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा बनाए गए कानून का स्वागत करते हुए कहा कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन से अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगेगा। साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में समानता लाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सभी संस्थानों में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मदरसों में भी एक समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की वकालत की।

 

गौरक्षा कानून को लेकर डॉ. जैन ने कहा कि वर्ष 1995 में बने कानून में बदलाव की आवश्यकता है, ताकि गौकशी और पशु तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान कानून में कई खामियां हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है।

 

मंदिरों के सरकारी नियंत्रण पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मंदिरों की संपत्ति और आय का संचालन सरकार के बजाय समाज के ट्रस्ट के हाथों में होना चाहिए। उनके अनुसार इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता भी बनी रहेगी।

 

इस अवसर पर संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने विभिन्न सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। अधिवेशन के दौरान गौ संरक्षण, शिक्षा सुधार और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

 

डॉ. जैन के इस बयान के बाद राज्य में गौचर और ओरण भूमि से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर बहस तेज होने की संभावना है।

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