Edited By Anil Jangid, Updated: 11 Jul, 2026 03:52 PM

बांसवाड़ा: पिछले काफी समय से राजस्थान में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला चल रहा है जो थमने का नाम नहीं ले रहा। भीलवाड़ा और बीकानेर के बाद अब बांसवाड़ा में भी ऐसा मामला सामने आया है जिसके तहत महात्मा गांधी अस्पताल में 11 जुलाई को सुबह करीब दो घंटे के...
बांसवाड़ा: पिछले काफी समय से राजस्थान में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला चल रहा है जो थमने का नाम नहीं ले रहा। भीलवाड़ा और बीकानेर के बाद अब बांसवाड़ा में भी ऐसा मामला सामने आया है जिसके तहत महात्मा गांधी अस्पताल में 11 जुलाई को सुबह करीब दो घंटे के भीतर ही 2 प्रसूताओं की जान चली गई। दोनों महिलाओं ने अपनी पहली संतान को जन्म दिया था, लेकिन ऑपरेशन के 24 घंटे के भीतर ही उनकी जान चली गई। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना की सूचना मिलने पर जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव भी हॉस्पिटल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और जांच के भी निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि बांसवाड़ा जिले की सवनिया निवासी लक्ष्मी गंभीर एनीमिया यानि खून की कमी से पीड़ित थी। हॉस्पिटल प्रशासन के मुताबिक ऑपरेशन के बाद प्रसूता हालत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई हालांकि, नवजात बच्ची सुरक्षित है। इसके अलावा कानेला निवासी लीला ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन सिजेरियन प्रसव के करीब 24 घंटे बाद उसने भी दम तोड़ दिया। प्रारंभिक तौर पर अस्पताल प्रशासन ने हाई ब्लड प्रेशर को मौत का संभावित कारण बताया है। दूसरी तरफ नवजात पुत्र गंभीर हालत में एसएनसीयू में भर्ती है।
इस मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं. जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने 5 विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच समिति गठित की है, जो ऑपरेशन से लेकर उपचार तक की पूरी प्रक्रिया की जांच करेगी। प्रसूताओं की मौत के कारणों के हर पहलू की पड़ताल की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।