राजस्थान दिवस पर बेणेश्वर धाम में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन

Edited By Anil Jangid, Updated: 16 Mar, 2026 06:45 PM

tribal pride day celebrated at beneshwar dham on rajasthan day

डूंगरपुर: राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को डूंगरपुर के Beneshwar Dham में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज अपनी समृद्ध परंपराओं, विशिष्ट...

डूंगरपुर: राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को डूंगरपुर के Beneshwar Dham में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज अपनी समृद्ध परंपराओं, विशिष्ट संस्कृति और प्रकृति से गहरे जुड़ाव के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस समाज ने ऐसे वीर सपूत दिए हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 मार्च 1949 को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन वृहद् राजस्थान की स्थापना हुई थी, इसलिए राज्य सरकार ने इसी दिन राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 19 मार्च को प्रदेशभर में राजस्थान दिवस उत्साह के साथ मनाया जाएगा और इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें एक दिन जनजातीय समाज को समर्पित किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेणेश्वर धाम आदिवासी आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है और राज्य सरकार इसके सौंदर्यीकरण के लिए कार्य करेगी। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। उन्होंने जनजातीय हस्तशिल्प की सराहना करते हुए कहा कि पिथोरा चित्रकला, बांस की बुनाई, मिट्टी के बर्तन और लकड़ी की नक्काशी जैसी कलाएं जनजातीय स्वाभिमान की अभिव्यक्ति हैं।

 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। छात्रावासों में मैस भत्ता 2500 से बढ़ाकर 3250 रुपए प्रति माह किया गया है। साथ ही, कक्षा 10वीं और 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अलावा 244 नए मां-बाड़ी केंद्र स्थापित किए गए हैं और 8 जिलों में 530 वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से डेढ़ लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने बजट घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में वन अधिकार पट्टों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि वनवासी समुदाय को भूमि का अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके अलावा Tripura Sundari Temple, Mangadh Dham, Sitamata Wildlife Sanctuary और Rishabhdev Temple सहित प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ते हुए 100 करोड़ रुपए की लागत से ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जाएगा।

 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर और सिरोही जिलों में 1,902 करोड़ रुपए के 326 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने “लखपति दीदी सम्मान योजना” के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सांकेतिक चेक और टैबलेट प्रदान किए तथा बालिकाओं को स्कूटी भी वितरित की।

 

कार्यक्रम में जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री Babulal Kharadi सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इससे पहले डूंगरपुर में वाल्मीकि मंदिर और हरि मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

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