Edited By Anil Jangid, Updated: 24 Jun, 2026 02:22 PM

टोंक। राजस्थान टोंक जिले के मोटूका गांव से सरकारी नाड़ी को खुर्द बुर्द करने का मामला सामने आया है। यहां पर ग्रामीणों का आरोप है कि भारी मशीनों की मदद से सरकारी भूमि दिन दहाड़े अवैध खनन कर पानी के बहाव को बदलने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया...
टोंक। राजस्थान टोंक जिले के मोटूका गांव से सरकारी नाड़ी को खुर्द बुर्द करने का मामला सामने आया है। यहां पर ग्रामीणों का आरोप है कि भारी मशीनों की मदद से सरकारी भूमि दिन दहाड़े अवैध खनन कर पानी के बहाव को बदलने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। पिछले दिनों सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च बनाई गई नाड़ी में अवैध तरीके से मिट्टी भरकर खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। लगातार चल रहे इस खेल से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मोटूका गांव में अब अवैध खनन का यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि एलएनटी और जेसीबी जैसी भारी मशीनों का उपयोग कर बड़े पैमाने पर मिट्टी और खनिज का दोहन कर मिट्टी को सरकारी नाड़ी डाला जा रहा है। आरोप है कि इस अवैध खनन से सरकारी भूमि की मूल संरचना को नुकसान पहुंचा जा रहा है। अवैध खनन के काले कारोबार से सरकार को लाखों रुपये की राजस्व की चपत लगाई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चल रही इस गतिविधि की जानकारी संबंधित विभागों को होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। मामले को लेकर गांव में भारी नाराजगी है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर इस अवैध खनन के जिम्मेदार लोगों पर कब और क्या कार्रवाई होती है। यह मामला सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।