Edited By Anil Jangid, Updated: 06 Apr, 2026 02:56 PM

सवाईमाधोपुर। राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में रविवार को एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक घटना देखने को मिली, जिसने वहां मौजूद पर्यटकों को हैरान कर दिया। जोन नंबर चार के जामुन देह क्षेत्र में बाघिन टी-111 ‘शक्ति’ ने एक विशाल मगरमच्छ का शिकार कर जंगल के...
सवाईमाधोपुर। राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में रविवार को एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक घटना देखने को मिली, जिसने वहां मौजूद पर्यटकों को हैरान कर दिया। जोन नंबर चार के जामुन देह क्षेत्र में बाघिन टी-111 ‘शक्ति’ ने एक विशाल मगरमच्छ का शिकार कर जंगल के नियमों को मानो चुनौती दे दी। यह दृश्य इतना अप्रत्याशित था कि सफारी पर आए लोग कुछ समय के लिए स्तब्ध रह गए।
वन विभाग के अनुसार, सुबह करीब नौ बजे सफारी के दौरान पर्यटकों ने देखा कि बाघिन तालाब के किनारे पहले से ही घात लगाकर बैठी हुई थी। वह पूरी तरह सतर्क थी और अपने शिकार का इंतजार कर रही थी। तभी एक मगरमच्छ पानी से बाहर निकलकर किनारे की ओर आया। जैसे ही वह जमीन पर पहुंचा, बाघिन ने बिजली की तेजी से उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मगरमच्छ को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इसके बाद दोनों के बीच लगभग दस मिनट तक जबरदस्त संघर्ष चला। मगरमच्छ को पानी का खतरनाक शिकारी माना जाता है, लेकिन जमीन पर वह बाघिन की फुर्ती और ताकत के सामने टिक नहीं पाया। आखिरकार बाघिन ‘शक्ति’ ने उसे मार गिराया और अपने जबड़ों में दबाकर जंगल की ओर ले गई। पर्यटकों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने कैमरों में कैद किया और इस दुर्लभ पल के साक्षी बने।
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, बाघ द्वारा मगरमच्छ का शिकार करना बेहद दुर्लभ माना जाता है। सामान्यतः बाघ ऐसे बड़े और खतरनाक जीवों से दूरी बनाए रखते हैं। बाघिन ‘शक्ति’ का यह शिकार उसकी रणनीतिक सोच, ताकत और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व पहले से ही अपनी टाइगर सफारी और बाघों की गतिविधियों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इस तरह की घटनाएं न केवल यहां के जंगलों की जीवंतता को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि प्रकृति में हर पल परिस्थितियां बदलती रहती हैं।
यह रोमांचक घटना पर्यटकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई और एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जंगल में कब कौन किस पर भारी पड़ जाए, इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है।