Edited By Chandra Prakash, Updated: 02 Apr, 2025 01:06 PM

डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के गद्दी उत्सव का आयोजन आज उदयपुर के सिटी पैलेस में हो रहा है। यह परंपरा उनके पिता, अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन के बाद निभाई जा रही है। इस आयोजन में हवन, अश्व पूजन और मंदिर दर्शन जैसी धार्मिक रस्में पूरी की जा रही हैं।
उदयपुर, 2 अप्रैल 2025 । डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के गद्दी उत्सव का आयोजन आज उदयपुर के सिटी पैलेस में हो रहा है। यह परंपरा उनके पिता, अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन के बाद निभाई जा रही है। इस आयोजन में हवन, अश्व पूजन और मंदिर दर्शन जैसी धार्मिक रस्में पूरी की जा रही हैं।
मेवाड़ राजपरिवार की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए, डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के गद्दी उत्सव का आयोजन आज (बुधवार) उदयपुर के सिटी पैलेस में किया जा रहा है। यह परंपरा उनके पिता, अरविंद सिंह मेवाड़ के 16 मार्च 2025 को हुए निधन के बाद निभाई जा रही है।
सुबह 9:30 बजे इस पवित्र आयोजन की शुरुआत हवन-पूजन से हुई, जिसका नेतृत्व कुलगुरु डॉ. वागीश कुमार गोस्वामी कर रहे हैं। ओडिशा के उपमुख्यमंत्री और लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के ससुर कनकवर्धन सिंह, प्रसिद्ध कवि और अभिनेता शैलेश लोढ़ा सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बने।

परंपरा और रीति-रिवाजों का सम्मान
यह समारोह सिटी पैलेस स्थित नौ चौकी महल के राय आंगन में हो रहा है। परंपरा के अनुसार, सभी उपस्थित लोग सफेद वस्त्र धारण किए हुए हैं, जिसमें डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ भी शामिल हैं। इस दौरान उनके पुत्र हरितराज सिंह मेवाड़ ने संतों का आशीर्वाद लिया।
दोपहर 3 बजे अश्व पूजन की रस्म
दोपहर 3 बजे परंपरागत अश्व पूजन किया जाएगा। इसके बाद शाम 4:20 बजे लक्ष्यराज सिंह कैलाशपुरी स्थित श्री एकलिंगनाथजी मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। इसके बाद शाम 7 बजे हाथीपोल द्वार का पूजन होगा और रात 8:15 बजे भाईपा व सरदारों की रंगपलटाई रस्म निभाई जाएगी।

रात 9 बजे जगदीश मंदिर के दर्शन
रात 9 बजे डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ जगदीश मंदिर में दर्शन करेंगे और परंपराओं का निर्वहन करेंगे।
मेवाड़ राजपरिवार की शाही विरासत
गौरतलब है कि अरविंद सिंह मेवाड़ के बड़े भाई महेंद्र सिंह मेवाड़ का 10 नवंबर 2024 को निधन हो गया था। इसके बाद उनके पुत्र और नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ का राजतिलक चित्तौड़गढ़ किले में संपन्न हुआ था।
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का गद्दी उत्सव केवल एक रस्म नहीं, बल्कि मेवाड़ की शाही परंपराओं और गौरवशाली विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है।