Edited By Anil Jangid, Updated: 07 Jun, 2026 05:36 PM

जालोर: सियाणा कस्बे के खेतलाजी मंदिर में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। मंदिर परिसर में लगी लिफ्ट से बाहर निकलते समय संतुलन बिगड़ने से मांगीलाल मेघवाल, जो कि आकोली के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक थे, नीचे गिर गए। गंभीर चोट लगने के बाद...
जालोर: सियाणा कस्बे के खेतलाजी मंदिर में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। मंदिर परिसर में लगी लिफ्ट से बाहर निकलते समय संतुलन बिगड़ने से मांगीलाल मेघवाल, जो कि आकोली के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक थे, नीचे गिर गए। गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
देवाड़ा निवासी भंवरलाल ने बताया कि उनके चाचा मांगीलाल मेघवाल अपने तीन साथियों के साथ मंदिर दर्शन के लिए आए थे। सभी लिफ्ट से ऊपर गए और लिफ्ट से उतरते समय अन्य साथी सुरक्षित बाहर निकल गए। लेकिन मांगीलाल का संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर पड़े। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई और परिजन तथा मंदिर ट्रस्ट के सदस्य मौके पर पहुंचे।
घटना की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग, ग्रामीण और परिजन शोक में डूब गए। मृतक की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और शव को मोर्चरी में रखवाया गया। समाचार लिखे जाने तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ था।
यह हादसा हाल ही में राजस्थान में शिक्षकों से जुड़े अन्य दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की श्रृंखला में शामिल हो गया है। कुछ दिन पहले भी भीलवाड़ा जिले के हुरड़ा क्षेत्र में तेज आंधी के कारण एक शिक्षक योगेश कुमार नामा की मौत हो गई थी। वह अपने विद्यालय के पास खेल मैदान में टहल रहे थे, जब अचानक दीवार गिरने से उनका दबाव बन गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
दोनों घटनाओं ने शिक्षा समुदाय और स्थानीय प्रशासन के बीच चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्थल और मंदिरों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
राजस्थान में लगातार बढ़ती गर्मी और भीड़भाड़ के बीच सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। शिक्षक समुदाय के लिए ये घटनाएं व्यक्तिगत और पेशेवर स्तर पर भारी सदमे का कारण बनी हैं।