Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Jun, 2026 06:23 PM

उदयपुर: महाराणा प्रताप खेलगांव परिसर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्थापित 20 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। तूफान के कारण सौर ऊर्जा संयंत्र की कई प्लेटें उड़...
उदयपुर: महाराणा प्रताप खेलगांव परिसर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्थापित 20 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। तूफान के कारण सौर ऊर्जा संयंत्र की कई प्लेटें उड़ गईं, जिससे पूरा प्लांट बंद हो गया है और बिजली उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
जानकारी के अनुसार, खेलगांव परिसर में तरणताल के सामने स्थापित इस सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्देश्य बिजली खर्च को कम करना और खेल गतिविधियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल तथा निर्बाध ऊर्जा उपलब्ध कराना था। लेकिन दो दिन पहले आए तेज तूफान ने इस परियोजना को बड़ा नुकसान पहुंचाया। पार्किंग क्षेत्र में लगी कई सोलर प्लेटें अपनी जगह से उखड़कर जमीन पर गिर गईं और क्षतिग्रस्त हो गईं।
घटना के दो दिन बाद भी क्षतिग्रस्त सोलर प्लेटों को हटाने या मरम्मत का कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि खेलगांव जैसे महत्वपूर्ण खेल परिसर में ऊर्जा व्यवस्था को लेकर अधिक सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है। सोलर प्लांट बंद होने से परिसर की आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
खेलगांव में स्थापित यह सौर ऊर्जा संयंत्र हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली खर्च में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था। लेकिन प्राकृतिक आपदा के बाद इसकी स्थिति खराब हो गई है और फिलहाल इससे कोई बिजली उत्पादन नहीं हो रहा है।
जब इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बजट की कमी को मरम्मत कार्य में देरी का मुख्य कारण बताया। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक बजट उपलब्ध होते ही क्षतिग्रस्त प्लेटों की मरम्मत और पुनर्स्थापना का कार्य शुरू किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि बढ़ती प्राकृतिक चुनौतियों को देखते हुए ऐसी परियोजनाओं के रखरखाव और सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। फिलहाल खेलगांव का सोलर प्लांट बंद होने से परिसर की वैकल्पिक ऊर्जा व्यवस्था प्रभावित हुई है और जल्द मरम्मत की मांग तेज हो रही है।