सिख धर्म ने मानवता और साहस की मिसाल पेश की- सीएम भजनलाल शर्मा

Edited By Afjal Khan, Updated: 05 Nov, 2025 06:27 PM

sikhism has set an example of humanity and courage  cm bhajan lal sharma

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने सभी को सत्य, प्रेम और मानवता का पाठ पढाया तथा जात-पात, ऊंच-नीच के भेद को नकारते हुए सभी को एक समान माना। मुख्यमंत्री ने आमजन से आह्वान किया कि गुरू नानक देव जी के बताए हुए मार्ग को अपनाकर आमजन...

जयपुर, 05 नवम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने सभी को सत्य, प्रेम और मानवता का पाठ पढाया तथा जात-पात, ऊंच-नीच के भेद को नकारते हुए सभी को एक समान माना। मुख्यमंत्री ने आमजन से आह्वान किया कि गुरू नानक देव जी के बताए हुए मार्ग को अपनाकर आमजन की सेवा व मानव उत्थान के लिए कार्य करें। 
    
सीएम भजनलाल बुधवार को गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश वर्ष के उपलक्ष्य में मानसरोवर स्थित गुरूद्वारे में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी को प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी ने ‘इक ओंकार सतनाम अर्थात् एक ईश्वर, एक सत्य’ का पांच सौ वर्ष पहले संदेश दिया था, वह आज भी समाज के लिए अमृत के समान है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी ने लंगर के माध्यम से समानता और मानवता का सबसे बड़ा उदाहरण पेश किया। उनका मानना था कि ईमानदारी से मेहनत करो और कमाया हुआ धन दूसरो के साथ बांटो क्योंकि मनुष्य की सेवा करना ही सच्चा धर्म है। 

सिख समुदाय के वीरों ने देश की रक्षा में किया अपना सर्वस्व न्योछावर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख धर्म ने हमेशा मानवता, साहस और त्याग की मिसाल पेश की है तथा इस समुदाय के वीरों ने देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के लोग स्वतंत्रता संग्राम हो या देश की सीमाओं की सुरक्षा, बाढ़ हो या सूखा, हर परिस्थिति में सदैव मदद के लिए तैयार रहते हैं। सिख समुदाय ने व्यापार, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी अतुलनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सिख समुदाय के कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। गुरुद्वारों के रखरखाव, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं सहित सिख समुदाय का कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। 
    
सीएम भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर गुरुद्वारा में मत्था टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने संगत को लंगर छकाया तथा स्वयं भी लंगर की प्रसादी ग्रहण की। इस दौरान राजस्थान सिख समाज के अध्यक्ष अजयपाल सिंह तथा गुरुद्वारा प्रबंध समिति के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
 

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