Edited By Anil Jangid, Updated: 28 Aug, 2026 05:19 PM

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन के संकल्प तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों के अनुरूप राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में दावों की नियमित निगरानी और दस्तावेजों का सत्यापन किया...
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन के संकल्प तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों के अनुरूप राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में दावों की नियमित निगरानी और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। इसी क्रम में सीकर स्थित एस.बी. मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल को आरजीएचएस से निलंबित किया गया है।
प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि आरजीएचएस में दावों की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया लगातार सुदृढ़ की जा रही है। आरजीएचएस परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल की टीम की निगरानी के दौरान संबंधित प्रकरण में कुछ दावे प्रथमदृष्टया संदिग्ध पाए गए। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।
अस्पताल छोड़ चुके चिकित्सक के नाम से उपचार विवरण प्रस्तुत किए गए
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अस्पताल में कार्यरत रहीं डॉ. अलका आर्य, बीडीएस (पंजीयन संख्या 12152) ने 20 अप्रैल 2026 को अस्पताल से त्यागपत्र दे दिया था और जून 2026 से अन्य संस्था में चिकित्सा सलाहकार के रूप में कार्यरत थीं। इसके बावजूद 17 जून, 21 जून तथा इसके बाद की तिथियों में अस्पताल के रिकार्ड में उन्हें उपचाररत चिकित्सक के रूप में दिखाते हुए हुए उपचार विवरण प्रस्तुत किए गए ।इस संबंध में रिकार्ड और दावों का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है।
जांच में पाया गया कि उनके नाम से 227 बाहरी रोगी तथा 88 भर्ती रोगी एवं डे-केयर उपचार विवरण प्रस्तुत किए गए । इन 88 मामलों की दावा राशि 99,327 रुपये है। सभी 315 उपचार विवरणों की कुल दावा राशि 1,42,489 रुपये दर्ज है। इनमें से 47 भर्ती रोगी एवं डे-केयर उपचार विवरण, जिनकी दावा राशि 43,007 रुपये थी, जाँच में निरस्त किए जा चुके हैं। शेष 41 भर्ती रोगी एवं डे-केयर उपचार विवरणों की दावा राशि 56,320 रुपये है। इनसे संबंधित तथ्यों का जांच के तहत परीक्षण किया जा रहा है।
कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने पर अस्पताल निलंबित
आरजीएचएस प्रशासन ने अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया। निर्धारित अवधि में नोटिस का जवाब नहीं देने पर एस.बी. मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल, सीकर को आरजीएचएस से निलंबित किया गया। प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनियमित दावों के प्रति जीरो टॉलरेंस
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि आरजीएचएस के अंतर्गत लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के साथ योजना की राशि का पारदर्शी, उचित और निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। चिकित्सक के नाम, मुहर, हस्ताक्षर अथवा डिजिटल पहचान के संभावित दुरुपयोग से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच की जाएगी। दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आरजीएचएस परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने बताया कि योजना में एआई आधारित निगरानी, आंकड़ा विश्लेषण,