सवाईमाधोपुर में नाबालिग का मामला, आरोपी और उसका साथी गिरफ्तार

Edited By Anil Jangid, Updated: 01 Mar, 2026 05:41 PM

sawai madhopur boyfriend and accomplice arrested

सवाईमाधोपुर। राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में नाबालिग से बलात्कार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग से छेड़छाड़ और बलात्कार के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण की जांच अभी भी जारी है।

सवाईमाधोपुर। राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में नाबालिग से बलात्कार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग से छेड़छाड़ और बलात्कार के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण की जांच अभी भी जारी है।

 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता ने आरोपियों के विरुद्ध दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़िता से संपर्क किया और दोस्ती बढ़ाई। इसके बाद पीड़िता का एक युवक बॉयफ्रेंड बन गया, जिसने बाद में डर-धमकाकर उसके साथ बलात्कार किया।

 

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    इस मामले में दूसरा आरोपी भी पीड़िता पर लगातार दबाव बनाता रहा। वह उसे संबंध बनाने के लिए मजबूर करने की कोशिश करता और उसका पीछा करता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी जहां भी जाती, वहां पहुंचकर छेड़छाड़ करता था और उसे डराने-धमकाने की कोशिश करता था।

     

    त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए। पुलिस ने कहा कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और अन्य तथ्यों का पता लगाया जा रहा है।

     

    सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं न केवल पीड़ित के लिए बल्कि समाज के लिए भी गम्भीर चिंता का विषय हैं। वे चाहते हैं कि सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।

     

    विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिगों के साथ इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता, शिक्षा और परिवार तथा स्कूल स्तर पर सुरक्षा उपायों को और सख्त करना होगा। पुलिस, प्रशासन और समाज की संयुक्त पहल ही ऐसी घटनाओं को कम कर सकती है और बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान कर सकती है।

     

    इस प्रकरण ने एक बार फिर से यह सवाल उठाया है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता और निगरानी कितनी प्रभावी है।

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