खाटूश्यामजी लक्खी मेले में 19 लाख भक्तों का रिकॉर्ड, नई पार्किंग व्यवस्था से नहीं लगा जाम

Edited By Anil Jangid, Updated: 05 Mar, 2026 07:10 PM

record 1 9 million devotees attend khatu shyamji fair

सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में आयोजित बाबा खाटूश्यामजी के प्रसिद्ध लक्खी मेले में इस वर्ष भक्तों की संख्या का नया रिकॉर्ड बना है। पहली बार आठ दिन तक चले इस मेले में करीब 19 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दर्शन किए। प्रशासन द्वारा किए गए नए...

सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में आयोजित बाबा खाटूश्यामजी के प्रसिद्ध लक्खी मेले में इस वर्ष भक्तों की संख्या का नया रिकॉर्ड बना है। पहली बार आठ दिन तक चले इस मेले में करीब 19 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दर्शन किए। प्रशासन द्वारा किए गए नए नवाचारों और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण भक्तों को बड़ी राहत मिली और मेले के दौरान जाम जैसी समस्या भी सामने नहीं आई।

 

पिछले 15 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ कि एकादशी के दिन भी श्रद्धालुओं को दो से तीन घंटे के भीतर आसानी से दर्शन हो गए। इससे पहले मेले के दौरान कई-कई घंटों तक लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता था। गौरतलब है कि पिछले साल 12 दिन तक चले मेले में करीब 22 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे।

 

इस बार प्रशासन ने मेले के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू कीं, जिनका सीधा लाभ श्रद्धालुओं को मिला। खासतौर पर पार्किंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया। प्रशासन ने पहली बार निशुल्क पार्किंग की क्षमता लगभग दोगुनी कर दी और खाटूश्यामजी आने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर करीब 40 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई। इसके कारण मेले के दौरान कहीं भी बड़े जाम की स्थिति नहीं बनी।

 

इसके अलावा शाहपुरा और रेनवाल सड़क परियोजनाओं के पूरे होने से भी यातायात व्यवस्था सुचारू रही। जयपुर-बीकानेर हाईवे पर भी यातायात बाधित नहीं हुआ, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा मिली।

 

मेले के दौरान दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से स्वयंसेवकों की टीम तैनात की गई, जिन्होंने दिव्यांग भक्तों को सुगम दर्शन करवाए। इस सुविधा का लाभ करीब 10 हजार से अधिक दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिला।

 

इस वर्ष मेले में हाईटेक खोया-पाया केंद्र भी बनाए गए। पहले जहां छह केंद्र थे, वहीं इस बार उनकी संख्या बढ़ाकर 12 कर दी गई। गुम हुई वस्तुओं जैसे मोबाइल, बैग, चप्पल और जूतों के फोटो बड़ी स्क्रीन पर दिखाए गए, जिससे लोगों को अपना सामान ढूंढने में आसानी हुई।

 

प्रशासन का कहना है कि इन नई व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं का अनुभव पहले की तुलना में काफी बेहतर रहा और भविष्य में भी ऐसे नवाचार जारी रखे जाएंगे।

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