रणथंभौर में गूंजी किलकारी, तीसरी बार मां बनी बाघिन रिद्धि, नजर आया नन्हा शावक

Edited By Anil Jangid, Updated: 06 Jun, 2026 05:36 PM

ranthambore tigress riddhi mother third time cubs spotted in nal ghati

रणथंभौर: रणथंभौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक और खुशखबरी सामने आई है। रिजर्व की प्रसिद्ध बाघिन आरबीटी-124 रिद्धि नाल घाटी वन क्षेत्र में अपने नन्हे शावक के साथ नजर आई हैं। वन विभाग की नियमित गश्त और मॉनिटरिंग के दौरान बाघिन और शावक की...

रणथंभौर: रणथंभौर टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक और खुशखबरी सामने आई है। रिजर्व की प्रसिद्ध बाघिन आरबीटी-124 रिद्धि नाल घाटी वन क्षेत्र में अपने नन्हे शावक के साथ नजर आई हैं। वन विभाग की नियमित गश्त और मॉनिटरिंग के दौरान बाघिन और शावक की मौजूदगी दर्ज की गई।

 

वन विभाग के अनुसार शावक की उम्र लगभग दो से तीन माह आंकी जा रही है। बाघिन रिद्धि के साथ शावक के दिखाई देने के बाद विभाग ने दोनों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है, ताकि उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

 

रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि फिलहाल बाघिन के साथ केवल एक शावक दिखाई दिया है। हालांकि संभावना है कि उसने एक से अधिक शावकों को जन्म दिया हो। डीएफओ ने कहा, “जब तक अन्य शावक नजर नहीं आते, तब तक उनकी वास्तविक संख्या के बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।”

 

वन विभाग ने यह भी बताया कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व में प्राकृतिक आवासों के संरक्षण, प्रभावी गश्त, वन्यजीव सुरक्षा उपायों और स्थानीय समुदायों के सहयोग से बाघों की प्रजनन सफलता लगातार बनी हुई है। बाघिन रिद्धि के शावक के दिखाई देना इन प्रयासों की सफलता का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

 

रणथंभौर को देश में बाघों की 'नर्सरी' के रूप में भी जाना जाता है। यहां बढ़ती बाघों की संख्या न केवल वन विभाग बल्कि वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी उत्साहजनक है। रणथंभौर के बाघों ने प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व में भी बाघों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

 

वन विभाग के अनुसार वर्तमान में रणथंभौर टाइगर रिजर्व में कुल 77 बाघ, बाघिन और शावक मौजूद हैं। इनमें 23 बाघिन, 25 बाघ और 29 शावक शामिल हैं। नाल घाटी क्षेत्र में बाघिन और शावक की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर वन अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी प्रकार की परेशानी न हो।

 

वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह खबर खुशी और उत्साह का कारण बन गई है, जबकि वन विभाग ने बाघों की सुरक्षा और प्रजनन सफलता को और बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास जारी रखने का आश्वासन दिया है।

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