Edited By Anil Jangid, Updated: 16 Apr, 2026 06:05 PM

राजसमंद। राजस्थान समेत पूरे देश में अब हाईवे पर ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 'राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) चौथा संशोधन नियम, 2026' को अधिसूचित किया है, जो 15...
राजसमंद। राजस्थान समेत पूरे देश में अब हाईवे पर ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 'राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) चौथा संशोधन नियम, 2026' को अधिसूचित किया है, जो 15 अप्रैल, 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो गए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य हाईवे पर सड़कों के रख-रखाव को बेहतर बनाना और ओवरलोडिंग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है।
नए नियमों के तहत ओवरलोडिंग वाहनों पर अब पहले से कहीं अधिक जुर्माना लगाया जाएगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग के मामले में अब कोई अनुमानित वजन का निर्धारण नहीं होगा, बल्कि इसे टोल प्लाजा पर स्थापित प्रमाणित वजन मापने के उपकरणों के जरिए ही तय किया जाएगा। इसके अलावा, कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं:
10 प्रतिशत तक अतिरिक्त भार पर कोई शुल्क नहीं: अब यदि कोई वाहन 10 प्रतिशत तक ओवरलोड है, तो उस पर कोई अतिरिक्त ओवरलोड शुल्क नहीं लिया जाएगा।
10 से 40 प्रतिशत ओवरलोड पर 2 गुना शुल्क: अगर ओवरलोडिंग 10 से 40 प्रतिशत तक होती है, तो मूल दर से दो गुना शुल्क लिया जाएगा।
40 प्रतिशत से अधिक ओवरलोड पर 4 गुना शुल्क: यदि वाहन 40 प्रतिशत से अधिक ओवरलोड पाया जाता है, तो उस पर मूल दर से चार गुना शुल्क वसूला जाएगा।
डिजिटल पेमेंट अनिवार्य: ओवरलोडिंग शुल्क का भुगतान केवल फास्टैग के माध्यम से किया जा सकेगा।
वजन मापने की मशीन अनिवार्य: यदि किसी टोल प्लाजा पर वजन मापने की मशीन उपलब्ध नहीं होगी, तो वहां वाहन पर ओवरलोड शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
हाईवे पर ओवरलोडिंग से न केवल सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। सड़कों के रखरखाव पर सालाना करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, और ओवरलोडिंग से यह खर्च और बढ़ जाता है। अब सरकार ने ओवरलोडिंग पर कड़ी निगरानी और भारी जुर्माना लगाकर सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।