Edited By Anil Jangid, Updated: 09 Apr, 2026 04:08 PM

राजसमंद: राजसमंद जिले की प्रसिद्ध मार्बल इंडस्ट्री इस समय वैश्विक तनाव और युद्ध के कारण गंभीर संकट का सामना कर रही है। गुजरात के मोरबी स्थित सिरेमिक प्लांट्स के बंद होने से राजसमंद की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। इस संकट का सीधा असर जिले के...
राजसमंद: राजसमंद जिले की प्रसिद्ध मार्बल इंडस्ट्री इस समय वैश्विक तनाव और युद्ध के कारण गंभीर संकट का सामना कर रही है। गुजरात के मोरबी स्थित सिरेमिक प्लांट्स के बंद होने से राजसमंद की सप्लाई चेन पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। इस संकट का सीधा असर जिले के 1000 से अधिक माइंस, प्रोसेसिंग यूनिट्स और पाउडर प्लांट्स पर पड़ा है, जिनमें से करीब 80 प्रतिशत पाउडर प्लांट अब बंद हो चुके हैं।
राजसमंद की मार्बल इंडस्ट्री का कारोबार सीधे तौर पर इन प्लांट्स से जुड़ा हुआ था, और इनकी बंदी ने पूरी सप्लाई चेन को हिला कर रख दिया है। इस संकट का सबसे बड़ा शिकार मजदूर वर्ग हुआ है। अनुमान के मुताबिक, लगभग 50 हजार मजदूरों का रोजगार छिन चुका है, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों का पलायन शुरू हो गया है। जिन फैक्ट्रियों में पहले दर्जनों श्रमिक काम करते थे, वहां अब केवल सुरक्षा के लिए इक्का-दुक्का कर्मचारी ही तैनात हैं।
इस संकट के कारण उद्योग मालिकों के सामने बिजली बिल और मशीनों के रखरखाव का संकट भी खड़ा हो गया है। मार्बल के कारोबार में कमी और यूनिट्स के बंद होने से जिले के बाजारों और परिवहन व्यवस्था पर भी भारी दबाव पड़ा है। साथ ही, इन यूनिट्स के बंद होने से राजसमंद जिले के आर्थिक ढांचे को भी गहरा नुकसान हुआ है।
गुजरात के मोरबी स्थित सिरेमिक प्लांट्स के बंद होने से मार्बल इंडस्ट्री की सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मोरबी के प्लांट जल्द ही फिर से शुरू नहीं होते और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन बहाल नहीं होती, तो राजसमंद के मार्बल उद्योग को उबरने में कई साल लग सकते हैं।
इस स्थिति में स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार से राहत पैकेज या वैकल्पिक उपायों की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि इस संकट से उबरा जा सके और मजदूरों को फिर से रोजगार मिल सके।