Edited By Anil Jangid, Updated: 27 Sep, 2026 07:12 PM

जयपुर। राजस्थान में सितंबर के आखिरी सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 26 सितंबर के अपडेट के अनुसार 27 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ आंधी जैसी गतिविधियों की संभावना है।
जयपुर। राजस्थान में सितंबर के आखिरी सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 26 सितंबर के अपडेट के अनुसार 27 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ आंधी जैसी गतिविधियों की संभावना है। यह स्थिति 28 और 29 सितंबर को भी बनी रह सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के लिए 27 से 29 सितंबर तक कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर को बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों का असर मुख्य रूप से पूर्वी राजस्थान में देखने को मिल सकता है। जयपुर और आसपास के इलाकों में भी बादल छाने तथा कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। हालांकि बारिश की तीव्रता और स्थान में स्थानीय स्तर पर अंतर हो सकता है।
राजधानी जयपुर में मौसम में बदलाव के चलते लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिल सकती है। IMD के हालिया अवलोकन में जयपुर-अमो क्षेत्र में 25 सितंबर को अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ था। बाड़मेर में 25 सितंबर को अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पूर्वी राजस्थान में 27 सितंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़, बिजली के खंभों और अन्य खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित माना जाता है। किसानों को भी आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 27, 28 और 29 सितंबर को थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग की चेतावनी है, जबकि 30 सितंबर से इस तरह की चेतावनी फिलहाल नहीं है। पश्चिमी राजस्थान में 27 से 29 सितंबर तक कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इससे संकेत मिलता है कि आगामी दिनों में राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के मौसम में अंतर बना रह सकता है।
बारिश का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। सितंबर के अंतिम दिनों में कई इलाकों में खरीफ फसलों से जुड़े कृषि कार्य जारी हैं। जहां बारिश की जरूरत है, वहां बौछारें किसानों के लिए उपयोगी हो सकती हैं। वहीं तेज बारिश या आंधी की स्थिति में खेतों में खड़ी फसल और कटाई से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं।
राजस्थान में मानसून की विदाई का दौर भी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। ऐसे में मौसम में स्थानीय स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकता है। पूर्वी राजस्थान में अगले तीन दिनों तक गरज-चमक वाली गतिविधियों की संभावना और पश्चिमी राजस्थान में अपेक्षाकृत शुष्क परिस्थितियां इसी बदलाव का हिस्सा हैं।
कुल मिलाकर 27 सितंबर को राजस्थान में मौसम मिला-जुला रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है। लोगों को अपने जिले के स्थानीय मौसम अपडेट और IMD की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।