Edited By Sourabh Dubey, Updated: 19 Aug, 2026 06:47 PM
राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित नगरीय निकाय चुनावों का इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 309 शहरी निकायों में चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को...
जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से प्रतीक्षित नगरीय निकाय चुनावों का इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 309 शहरी निकायों में चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। वहीं 14 सितंबर को मतगणना होगी और चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश के सभी संबंधित शहरी निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक यह आचार संहिता प्रभावी रहेगी।
10,245 पार्षद पदों के लिए होगा चुनाव
राजस्थान के 309 शहरी निकायों में कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा। इनमें:
10 नगर निगम
51 नगर परिषद
248 नगरपालिकाएं
शामिल हैं।
पहले चरण में जनता अपने-अपने वार्ड से पार्षदों का चुनाव करेगी। इसके बाद निर्वाचित पार्षद नगर निगमों में मेयर, नगर परिषदों में सभापति और नगरपालिकाओं में अध्यक्ष का चुनाव करेंगे।
27 अगस्त से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 27 अगस्त को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीदवार निर्धारित अवधि में नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का अवसर दिया जाएगा।
3 सितंबर नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख निर्धारित की गई है।
9 और 11 सितंबर को दो चरणों में मतदान
प्रदेश के 309 शहरी निकायों में मतदान दो चरणों में होगा।
पहला चरण: 9 सितंबर
दूसरा चरण: 11 सितंबर
किस निकाय में किस चरण में मतदान होगा, इसकी विस्तृत जानकारी निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में दी जाएगी।
14 सितंबर को मतगणना और परिणाम
दोनों चरणों में मतदान के बाद 14 सितंबर को मतगणना कराई जाएगी। इसी दिन पार्षद पदों के चुनाव परिणाम सामने आएंगे। परिणामों के बाद नगर निकायों में बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।
21 सितंबर को मेयर, सभापति और अध्यक्ष का चुनाव
पार्षदों के चुनाव के बाद 21 सितंबर को निकाय प्रमुखों का चुनाव कराया जाएगा।
इस दिन:
नगर निगम में मेयर
नगर परिषद में सभापति
नगर पालिका में अध्यक्ष
का चुनाव निर्वाचित पार्षदों द्वारा किया जाएगा।
22 सितंबर को डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष का चुनाव
निकाय प्रमुखों के चुनाव के अगले दिन यानी 22 सितंबर को उप प्रमुख पदों के लिए चुनाव होगा। इस दिन:
नगर निगम में डिप्टी मेयर
नगर परिषद में उपसभापति
नगर पालिका में उपाध्यक्ष
का चुनाव कराया जाएगा।
सभी 309 निकायों में आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही संबंधित सभी शहरी निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके तहत चुनाव प्रक्रिया के दौरान नए विकास कार्यों की घोषणा और नए कार्यों के लिए वर्क ऑर्डर जारी करने पर रोक रहेगी।
हालांकि, आचार संहिता लागू होने से पहले शुरू हो चुके विकास कार्य जारी रह सकेंगे। वहीं ऐसे नए कार्य, जिनकी स्वीकृति या आदेश प्रक्रिया आचार संहिता लागू होने से पहले पूरी नहीं हुई है, उन्हें चुनाव अवधि में शुरू नहीं किया जा सकेगा।
वार्ड आरक्षण के बाद चुनावी मैदान तैयार
प्रदेश के शहरी निकायों के 10,245 वार्डों की आरक्षण लॉटरी पहले ही पूरी हो चुकी है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन चल रहा था।
अब चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद टिकट वितरण, नामांकन और चुनाव प्रचार की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। वार्ड स्तर पर राजनीतिक समीकरणों को साधने के साथ ही प्रत्याशियों की सक्रियता भी बढ़ने की संभावना है।
राजस्थान निकाय चुनाव 2026: पूरा कार्यक्रम
| चुनाव प्रक्रिया | तारीख |
| ------------------------------------ | --------- |
| अधिसूचना एवं नामांकन शुरू | 27 अगस्त |
| नाम वापसी की अंतिम तारीख | 3 सितंबर |
| प्रथम चरण का मतदान | 9 सितंबर |
| द्वितीय चरण का मतदान | 11 सितंबर |
| मतगणना एवं परिणाम | 14 सितंबर |
| मेयर/सभापति/अध्यक्ष चुनाव | 21 सितंबर |
| डिप्टी मेयर/उपसभापति/उपाध्यक्ष चुनाव | 22 सितंबर |
चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के साथ ही राजस्थान की शहरी राजनीति पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। अब सभी की नजरें प्रमुख राजनीतिक दलों की उम्मीदवार सूचियों, टिकट वितरण और वार्ड स्तर पर होने वाली चुनावी जंग पर रहेंगी।