राजस्थान में फिर सक्रिय होगा मानसून, 21 जिलों में बारिश का अलर्ट; कमजोर मानसून से बढ़ी गर्मी और चिंता

Edited By Anil Jangid, Updated: 17 Jul, 2026 03:05 PM

rajasthan monsoon rainfall after two days yellow alert

भरतपुर: राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की तैयारी में है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है।

भरतपुर: राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की तैयारी में है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। जयपुर मौसम केंद्र ने 20 जुलाई को राज्य के 21 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, अभी प्रदेश में व्यापक और भारी बारिश के संकेत नहीं हैं।

 

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक वर्तमान में मानसून ट्रफ लाइन हिमालय की तरफ खिसक गई है, जिसके कारण राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर हुई हैं। इसके अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट पर बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया भी फिलहाल राजस्थान तक प्रभावी असर नहीं दिखा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून कमजोर स्थिति में रह सकता है।

 

इसके बाद 21 जुलाई से जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 22 और 23 जुलाई से पश्चिमी तथा मध्य राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश का दायरा बढ़ सकता है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में मानसून फिर सक्रिय होने के संकेत हैं।

 

मौसम विभाग ने 20 जुलाई के लिए जिन 21 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें अलवर, भरतपुर, बारां, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाईमाधोपुर, सीकर, टोंक, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर शामिल हैं। इन जिलों में मेघगर्जन और बिजली गिरने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

 

बारिश की कमी के कारण प्रदेश में तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर में 17 मिलीमीटर और डूंगरपुर में 1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं जैसलमेर और फलौदी में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बीकानेर में 40.4, पिलानी में 40.3 और श्रीगंगानगर में 39.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश नहीं होने से कई जिलों में उमस और गर्मी का असर बढ़ गया है।

 

मानसून की कमजोर स्थिति का असर साप्ताहिक बारिश के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। 9 से 15 जुलाई के बीच राजस्थान में सामान्य से करीब 75 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में प्रदेश में सामान्य बारिश 34.7 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 8.7 मिलीमीटर बारिश ही हुई। हाड़ौती क्षेत्र में भी बारिश की कमी देखने को मिली। कोटा और बूंदी में सामान्य से 78 और 77 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जबकि झालावाड़ में इस अवधि में बारिश नहीं हुई।

 

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई के अंतिम सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो पूरे मानसून सीजन पर इसका असर पड़ सकता है। अगस्त और सितंबर में भी सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में इस बार राजस्थान में कुल वर्षा सामान्य से कम रहने की आशंका बढ़ गई है। किसानों और जल संसाधन विभाग की नजर अब मानसून के अगले सक्रिय दौर पर टिकी हुई है।

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