Edited By Anil Jangid, Updated: 24 Mar, 2026 03:32 PM

पाली। राजस्थान के रेतीले धोरों और ऐतिहासिक किलों के बीच छिपा हुआ एक अद्भुत खजाना है, जो यूरोप की वादियों का अहसास कराता है। यह खजाना है ‘वैली क्वीन हैरिटेज ट्रेन’, जो अब अपनी सेवा को और बढ़ा चुकी है। अब इस ट्रेन यात्रा का आनंद लोग ज्यादा समय तक उठा...
पाली। राजस्थान के रेतीले धोरों और ऐतिहासिक किलों के बीच छिपा हुआ एक अद्भुत खजाना है, जो यूरोप की वादियों का अहसास कराता है। यह खजाना है ‘वैली क्वीन हैरिटेज ट्रेन’, जो अब अपनी सेवा को और बढ़ा चुकी है। अब इस ट्रेन यात्रा का आनंद लोग ज्यादा समय तक उठा सकेंगे। उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR) ने इस ट्रेन की अवधि बढ़ा दी है, ताकि पर्यटक और रेल प्रेमी इस अनूठे सफर का अनुभव कर सकें।
‘वैली क्वीन हैरिटेज ट्रेन’ विशेष रूप से अरावली क्षेत्र के खूबसूरत घाट सेक्शन से होकर गुजरती है, जहां यात्री न केवल राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर का आनंद लेते हैं, बल्कि शानदार प्राकृतिक दृश्यों का भी अनुभव करते हैं। यह ट्रेन मारवाड़ जंक्शन से खामली घाट तक चलती है, जो 47 किलोमीटर का रोमांचक सफर तय करती है। इस मार्ग में 172 पुल और दो ऐतिहासिक सुरंगें हैं, जो ब्रिटिश काल की विरासत को जीवित रखते हैं।
इस ट्रेन की संरचना भी बेहद खास है। इसमें एक एसी एक्जीक्यूटिव कोच, दो सामान्य कोच और एक पावरकार है। इसके डिब्बों पर राजस्थानी कला, हाथी और घोड़ों के चित्र उकेरे गए हैं, जो इसे ‘शाही सवारी’ का अहसास कराते हैं। खास बात यह है कि ट्रेन में एक विस्टाडोम कोच भी है, जहां से यात्री 360-डिग्री में अरावली पर्वतों का दृश्य देख सकते हैं।
गोरम घाट, जिसे राजस्थान का मिनी-कश्मीर कहा जाता है, इस यात्रा का सबसे खूबसूरत पड़ाव है। मानसून के मौसम में यह स्थान दूधिया झरनों और बादलों की चादर से ढका रहता है, जो इसे एक स्वप्निल दृश्य में बदल देता है। पर्यटक यहां रुककर ताजगी से भरी पहाड़ी हवा का आनंद ले सकते हैं और फोटोग्राफी भी कर सकते हैं।
ट्रेन की यात्रा मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित होती है। यह सुबह 09:45 बजे मारवाड़ जंक्शन से निकलती है और दोपहर 12:45 बजे खामली घाट पहुंचती है। अनुमानित किराया 2,000 रुपये प्रति व्यक्ति है, जिसमें रिफ्रेशमेंट भी शामिल है। इस यात्रा का अनुभव लेने के लिए IRCTC की वेबसाइट पर अग्रिम बुकिंग की सिफारिश की जाती है, क्योंकि इसमें केवल 60 सीटें उपलब्ध होती हैं।
यह विशेष ट्रेन यात्रा निश्चित रूप से उन यात्रियों की बकेट लिस्ट में शामिल होनी चाहिए, जो इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य और शाही सवारी का अद्भुत संगम देखना चाहते हैं।