Edited By Payal Choudhary, Updated: 04 Jan, 2026 04:01 PM

शीतलहर और घने कोहरे से राजस्थान ठिठुरा, कई जिलों में तापमान शून्य के आसपास, मौसम विभाग ने बढ़ाई सतर्कता|
राजस्थान इस समय कड़ाके की सर्दी और शीतलहर की चपेट में है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान शून्य के आसपास पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के 14 जिलों में अलर्ट जारी किया है, जिनमें 5 जिलों में शीतलहर और 9 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। शनिवार को प्रदेश के केवल तीन शहरों को छोड़कर लगभग सभी जगह न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया।
सबसे ज्यादा ठंड पहाड़ी और उत्तरी राजस्थान में महसूस की जा रही है। माउंट आबू में लगातार दूसरे दिन तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सीकर जिले के पलसाना क्षेत्र में न्यूनतम तापमान माइनस 0.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। शेखावाटी और जयपुर संभाग के कई जिलों में सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन और गलन बढ़ गई है।
राजसमंद के कुंभलगढ़ क्षेत्र में शीतलहर का असर इतना तेज रहा कि खेतों में ओस की बूंदें जम गईं। कुछ इलाकों में वाहनों के शीशों पर बर्फ जमने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो पाले की शुरुआत का संकेत मानी जा रही हैं।
कोहरे ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कोटा में रविवार सुबह इस सर्दी के मौसम का सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया, जहां दृश्यता घटकर 100 से 150 मीटर तक रह गई। हाईवे पर वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
अलवर में छह दिनों के बाद सूरज के दर्शन हुए, लेकिन ठंड का असर अब भी बरकरार है। वहीं उदयपुर में सुबह 11 बजे तक सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो पाए और गलन बनी रही। पिलानी में दिन का तापमान सबसे कम 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार राहत फिलहाल दूर है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर का कहना है कि आगामी एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन अगले 2–3 दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है। साथ ही न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की और गिरावट तथा उत्तरी राजस्थान में शीतलहर का असर जारी रहने की संभावना है। लोगों को विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।