भीम उपखंड रेल सुविधा से अभी भी दूर: नाथद्वारा-देवगढ़ ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट पर 225 करोड़ खर्च

Edited By Anil Jangid, Updated: 16 May, 2026 07:44 PM

rail connectivity 225 crore spent on nathdwara devgarh broad gauge project

राजसमंद. राजसमंद जिले का भीम उपखंड आज भी रेल सुविधा से वंचित है। देवगढ़ और ब्यावर से रेल लाइनें पहले ही गुजर चुकी हैं, लेकिन भीम उपखंड को अब तक रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की ठोस पहल नहीं हुई। भीम से महज 40 किलोमीटर दूर रेलवे लाइन मौजूद होने के बावजूद...

राजसमंद. राजसमंद जिले का भीम उपखंड आज भी रेल सुविधा से वंचित है। देवगढ़ और ब्यावर से रेल लाइनें पहले ही गुजर चुकी हैं, लेकिन भीम उपखंड को अब तक रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की ठोस पहल नहीं हुई। भीम से महज 40 किलोमीटर दूर रेलवे लाइन मौजूद होने के बावजूद क्षेत्रवासी आजादी के 75 साल बाद भी इस मूलभूत सुविधा का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में भीम केवल सड़क मार्ग पर निर्भर है।

 

सरकारें विकास के दावे करती रही हैं, लेकिन रेल कनेक्टिविटी पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। रेलवे ने वर्ष 2024-25 में नाथद्वारा से देवगढ़ तक रेलवे लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने के लिए 225 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के पूरा होने पर मावली से देवगढ़ मदारिया तक लगभग 99 किलोमीटर क्षेत्र रेल संपर्क से जुड़ जाएगा।

 

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    विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि देवगढ़ से भीम होकर ब्यावर या हरिपुर तक रेल लाइन बिछाने से यह क्षेत्र सीधे मेवाड़ और मारवाड़ से जुड़ जाएगा। इससे उदयपुर, राजसमंद, पाली, जोधपुर और बीकानेर तक का रेल संपर्क आसान होगा। साथ ही नागौर, सीकर और झुंझुनूं के लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिल सकेगी। धार्मिक पर्यटन स्थलों, जैसे नवलखा पार्श्वनाथ और चारभुजा मंदिर तक पहुंच भी आसान होगी।

     

    रेल कनेक्टिविटी का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। राजसमंद और किशनगढ़ के मार्बल उद्योग, पाली के कपड़ा और मेहंदी उद्योग, जोधपुरी स्टोन और कांकरोली के टायर उद्योग के लिए यह मार्ग माल परिवहन को तेज, सस्ता और सुविधाजनक बनाएगा। वर्तमान सड़क मार्ग पर घाट सेक्शन होने के कारण समय और लागत अधिक लगती है। रेल लाइन बनने से व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

     

    स्थानीय व्यवसायी शौकत मोहम्मद और बाबूलाल टांक का मानना है कि पिछले 75 वर्षों में रेलवे लाइन के अभाव में भीम का विकास अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया। व्यापार संघ अध्यक्ष बाबूलाल कोठारी ने भीम को देवगढ़ मदारिया से हरिपुर तक रेल लाइन जोड़ने की मांग पिछले 15 वर्षों से उठाई है। सामाजिक कार्यकर्ता राजू वैष्णव का कहना है कि रेल सुविधा आमजन और व्यापार दोनों के लिए अधिक सस्ती, आरामदायक और सुविधाजनक होगी।

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