Edited By Anil Jangid, Updated: 25 Jun, 2026 03:59 PM

अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में सरकारी विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने एक नई पहल शुरू करने का फैसला किया है। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने ‘अलवर संपदा’ योजना के तहत निर्देश जारी किए हैं कि जिले में चल रहे...
अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में सरकारी विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने एक नई पहल शुरू करने का फैसला किया है। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने ‘अलवर संपदा’ योजना के तहत निर्देश जारी किए हैं कि जिले में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों पर अब क्यूआर (QR) कोड लगाए जाएंगे। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद आम नागरिक अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर किसी भी परियोजना की विस्तृत जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। जानकारी के अनुसार अलवर शहर और नगर विकास न्यास (यूआईटी) क्षेत्र में 10 लाख रुपये से अधिक लागत वाले करीब 200 विकास कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। इन सभी परियोजनाओं पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिनमें कार्य का नाम, स्वीकृति की तारीख, कार्य शुरू होने और पूरा होने की समय-सीमा, संबंधित ठेकेदार का नाम तथा जिम्मेदार सरकारी अधिकारी की जानकारी उपलब्ध होगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से आम जनता सीधे विकास कार्यों की निगरानी कर सकेगी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। भविष्य में इस व्यवस्था को पूरे जिले में लागू करने की भी योजना है।
बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं अधिक होती हैं, वहां शीघ्रता से स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं। साथ ही यूआईटी और नगर निगम को सड़क एवं सीवरेज निर्माण स्थलों पर उचित बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए ई-रिक्शा संचालन के लिए भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब ई-रिक्शा चालकों को केवल सड़क की बाईं ओर से सवारी बैठाने की अनुमति होगी और उन्हें निर्धारित स्थानों पर ही यात्रियों को चढ़ाने एवं उतारने की छूट मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और जाम की समस्या में कमी आएगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को भी सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना के तहत सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों को सरकारी एवं निजी अस्पतालों में 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा केंद्र सरकार की ‘सफर’ योजना की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) अम्बालाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।