Edited By Sourabh Dubey, Updated: 02 Dec, 2025 03:39 PM

कुलपति प्रोफेसर एन. डी. माथुर ने वैदिक कन्या पी.जी. महाविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि संधारणीय अथवा सतत् विकास तभी संभव है जब वह जनभागीदारी से जुड़ा हो।
जयपुर। कुलपति प्रोफेसर एन. डी. माथुर ने वैदिक कन्या पी.जी. महाविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि संधारणीय अथवा सतत् विकास तभी संभव है जब वह जनभागीदारी से जुड़ा हो।
लोग, प्लेनेट तथा प्रोग्रेस में एक अद्भुत सकारात्मक समन्वय से ही सतत् विकास के लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है। इसके लिये विश्वविद्यालयों में नव-प्रवर्तन की दिशा में स्टार्ट-अप के माध्यम तथा इन्क्यूबेशन केन्द्रों के माध्यम से विकास की रणनीति बनानी होगी।
कुलपति प्रोफेसर माथुर राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित थे।