Edited By Anil Jangid, Updated: 09 Apr, 2026 04:20 PM

सीकर: सीकर शहर में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए अब जेब और ढीली करनी पड़ेगी। 1 अप्रैल से जिले में डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दरों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू हो गई है। इससे आवासीय, कमर्शियल, प्लॉट और कृषि भूमि सभी श्रेणियों में जमीन खरीदना...
सीकर: सीकर शहर में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए अब जेब और ढीली करनी पड़ेगी। 1 अप्रैल से जिले में डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दरों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू हो गई है। इससे आवासीय, कमर्शियल, प्लॉट और कृषि भूमि सभी श्रेणियों में जमीन खरीदना महंगा हो गया है। दिसंबर 2024 में भी इन दरों में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी, जिससे कुल मिलाकर कुछ महीनों में प्रॉपर्टी की कीमतों में बड़ा उछाल देखा गया है।
प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर
अब प्रॉपर्टी के बेस रेट में औसतन 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। उदाहरण के तौर पर, जो प्लॉट पहले 10 लाख रुपए का था, वह अब बढ़कर 11 लाख रुपए से अधिक हो गया है। इस बढ़ोतरी का असर रजिस्ट्री शुल्क पर भी पड़ा है, क्योंकि स्टांप ड्यूटी, सरचार्ज और अन्य शुल्क डीएलसी दर के आधार पर तय होते हैं। कुल मिलाकर प्रॉपर्टी खरीदने की लागत करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है।
बसंत विहार बना सबसे महंगा इलाका
सीकर शहर में बसंत विहार अब सबसे महंगा आवासीय इलाका बन गया है, जहां प्रॉपर्टी के दाम बहुत बढ़ गए हैं। वहीं, कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए फागलवा पंप से स्टेशन रोड तक का इलाका सबसे ऊंचे दामों पर पहुंच गया है। इसके अलावा, स्टेशन रोड, फागलवा पेट्रोल पंप, अनाज मंडी रोड, चिरंजी पनवाड़ी की गली, तापड़िया बगीची, ईदगाह तिराहा, डाक बंगला, कल्याण सर्किल और खटीकान प्याऊ जैसे इलाकों में भी डीएलसी दरों में बढ़ोतरी देखी गई है।
बसंत विहार में प्रॉपर्टी के दामों में भारी वृद्धि
आंकड़ों के अनुसार, बसंत विहार में 100 फीट से अधिक चौड़ी सड़क पर स्थित कमर्शियल प्लॉट की डीएलसी दर पिछले साल जनवरी में 73,000 रुपए प्रति वर्गमीटर थी, जो अब बढ़कर 96,360 रुपए प्रति वर्गमीटर हो गई है, यानी यहां 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, आवासीय प्लॉट की दर 9,000 रुपए प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 11,880 रुपए प्रति वर्गमीटर कर दी गई है।
कृषि भूमि के लिए भी बढ़ी डीएलसी दरें
कृषि भूमि के लिए भी डीएलसी दरों में बदलाव किया गया है। अब जमीन की कीमतें लोकेशन और हाइवे से दूरी के आधार पर तय की जा रही हैं। 0 से 100 मीटर, 101 से 200 मीटर और 201 से 500 मीटर की दूरी के हिसाब से अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं, जिससे एक ही क्षेत्र में जमीन के दामों में अंतर आ गया है।
डीआईजी स्टांप नीरज मीणा के अनुसार, बढ़ी हुई दरें अब लागू हो चुकी हैं, और रजिस्ट्री कराने के लिए लोगों को पहले के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक राशि चुकानी होगी। डीएलसी दरों में लगातार बढ़ोतरी से सीकर में प्रॉपर्टी निवेश और खरीद दोनों ही महंगे हो गए हैं।