Edited By Anil Jangid, Updated: 28 Mar, 2026 03:53 PM

प्रतापगढ़: राजस्थान में मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल (एएनटीएफ) ने राजस्थान के चार जिलों में एक बड़े अभियान के तहत करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों की बरामदगी की और 25,000 रुपये का इनामी तस्कर सहित कई अन्य तस्करों को गिरफ्तार किया।
प्रतापगढ़: राजस्थान में मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल (एएनटीएफ) ने राजस्थान के चार जिलों में एक बड़े अभियान के तहत करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थों की बरामदगी की और 25,000 रुपये का इनामी तस्कर सहित कई अन्य तस्करों को गिरफ्तार किया। इस अभियान में प्रतापगढ़ जिले के अरनोद निवासी दशरथ उर्फ दशरथ बंगाली को बांसवाड़ा से गिरफ्तार किया गया। वह लंबे समय से फरार था और पुलिस से बचने के लिए मध्यप्रदेश और गुजरात के जंगलों में छिपा हुआ था।
एएनटीएफ के अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और प्रतापगढ़ के क्षेत्रों में अलग-अलग कार्यवाहियों को अंजाम दिया गया। राजसमंद के देवगढ़ में "ऑपरेशन विभीषण" के तहत 57.640 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद की गई, और दो मुख्य तस्करों को दो लग्जरी गाड़ियों के साथ पकड़ा गया। चित्तौड़गढ़ के कपासन में 35.920 किलोग्राम डोडा-पोस्त और एमडीएमए की खेप पकड़ी गई। वहीं, भीलवाड़ा में प्रशिक्षित डॉग की मदद से एमडीएमए की खेप को पकड़ा गया।
पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. के मार्गदर्शन में की गई। एएनटीएफ टीम ने सूचना के आधार पर प्रतापगढ़ जिले के 25,000 रुपये के इनामी अपराधी दशरथ उर्फ दशरथ बंगाली को पकड़ने में सफलता पाई। दशरथ 2024 से एनडीपीएस एक्ट के तहत फरार था और पुलिस से बचने के लिए जंगलों में छिपकर रह रहा था।
दशरथ ने बांसवाड़ा के टिब्बा गामड़ी गांव में अपनी पहचान बदलकर किराने की दुकान खोली थी। वह वहीं पत्नी के साथ रह रहा था। एएनटीएफ की टीम ने सोलर प्लांट के कर्मचारी के रूप में रैकी की और बाद में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में तकनीक और सटीक सूचना तंत्र का प्रभावी इस्तेमाल किया गया।
इस अभियान में राजसमंद की कार्रवाई में टीम ने एक ढाबे के वेटर को मुखबिर बनाकर तस्कर की गतिविधियों पर नजर रखी और फिल्मी अंदाज में तस्कर की गाड़ी का टायर पंचर कर उसे दबोच लिया। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि सूचना देने वालों की गोपनीयता पूरी तरह से बनाए रखी जाएगी, और इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0141-2502877 भी जारी किया गया है।