राजस्थान की सियासत में बढ़ी हलचल, कोटा से जोधपुर तक शक्ति प्रदर्शन और टकराव तेज

Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Jun, 2026 03:12 PM

political turmoil in rajasthan power show in kota

कोटा: राजस्थान की राजनीति में इन दिनों लगातार हलचल और टकराव का माहौल देखने को मिल रहा है। राहुल गांधी के हालिया दौरे के बाद भी कांग्रेस के भीतर की खींचतान खत्म नहीं हुई है। कोटा में आज कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ओबीसी सम्मेलन के बहाने शक्ति...

कोटा:  राजस्थान की राजनीति में इन दिनों लगातार हलचल और टकराव का माहौल देखने को मिल रहा है। राहुल गांधी के हालिया दौरे के बाद भी कांग्रेस के भीतर की खींचतान खत्म नहीं हुई है। कोटा में आज कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ओबीसी सम्मेलन के बहाने शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी शामिल होंगे। हालांकि, इस आयोजन से कद्दावर नेता शांति धारीवाल को दूर रखा गया है और पोस्टरों में भी उनकी कोई जगह नहीं दी गई है, जिससे राजनीतिक संदेश और अधिक गहराता नजर आ रहा है।

 

इधर जोधपुर में हनुमान बेनीवाल और भाजपा समर्थकों के बीच निचले स्तर पर सियासी तनाव बढ़ता जा रहा है। कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और कॉल रिकॉर्डिंग की क्लिप्स वायरल होने से स्थानीय राजनीति में गरमाहट और बढ़ गई है।

 

राज्य की सत्ता के केंद्र में मौजूद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली दौरे से लौटकर अब एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रशासनिक कार्यों, केंद्र और राज्य की योजनाओं तथा विकास परियोजनाओं की समीक्षा तेज कर दी है।

 

राज्य में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इसे कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है, जहां हर वोट और हर रणनीति अहम भूमिका निभा सकती है।

 

इसके अलावा कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि राहुल गांधी के जिला अध्यक्ष सम्मेलन के बाद क्या जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव संभव हो पाएगा, जबकि अधिकांश जिला अध्यक्ष पहले से ही अलग-अलग गुटों में बंटे हुए हैं।

 

वहीं कोटपुतली में माफिया और प्रशासन के बीच टकराव और पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन की बैठक जैसे मुद्दे भी सुर्खियों में हैं। कर्नाटक में डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावित खबरों के बीच राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व और सत्ता संतुलन को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

 

कुल मिलाकर राजस्थान की राजनीति इस समय कई मोर्चों पर सक्रिय है, जहां शक्ति प्रदर्शन, बयानबाजी और रणनीतिक समीकरण लगातार बदलते नजर आ रहे हैं।
 

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