Edited By Anil Jangid, Updated: 26 Mar, 2026 07:02 PM

सीकर: राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं जिलों में अब घरेलू गैस उपयोग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर की जगह अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का उपयोग बढ़ता जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को सुविधा, सुरक्षा और खर्च में राहत मिल रही है।
सीकर: राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं जिलों में अब घरेलू गैस उपयोग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर की जगह अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का उपयोग बढ़ता जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को सुविधा, सुरक्षा और खर्च में राहत मिल रही है। सीकर शहर की कई प्रमुख कॉलोनियों जैसे पोलो ग्राउंड, बसंत विहार, तोदी नगर और रामलीला मैदान क्षेत्र में पहले ही PNG गैस सप्लाई शुरू हो चुकी है और करीब 1900 घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं। वहीं झुंझुनूं जिले में भी लगभग 900 घरों तक यह सुविधा पहुंच चुकी है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन विभाग के अनुसार, सीकर में अब तक लगभग 90 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। कंपनी का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक शहर की सभी कॉलोनियों में PNG गैस की सुविधा उपलब्ध करा दी जाए। खास बात यह है कि PNG गैस एलपीजी की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत सस्ती होती है, जिससे उपभोक्ताओं को लंबे समय में अच्छा आर्थिक लाभ मिलता है।
PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया भी काफी आसान है। इच्छुक उपभोक्ता मोबाइल नंबर 9145933934 या टोल-फ्री नंबर 18001807788 पर संपर्क कर सकते हैं। कनेक्शन के लिए लगभग 6000 रुपये की सिक्योरिटी राशि ली जाती है, जिसमें मीटर और रेगुलेटर शामिल होते हैं। इसके अलावा 500 रुपये अतिरिक्त सिक्योरिटी के रूप में जमा किए जाते हैं। उपभोक्ताओं को सुविधा देते हुए यह राशि किस्तों में जमा कराने का विकल्प भी उपलब्ध है, जिसमें हर महीने बिल के साथ लगभग 60 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है।
सुरक्षा के लिहाज से भी PNG गैस काफी बेहतर मानी जाती है। यह गैस हवा से हल्की होती है और लीकेज होने की स्थिति में तेजी से वातावरण में फैल जाती है, जिससे विस्फोट का खतरा बेहद कम हो जाता है। यही कारण है कि इसे घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, PNG गैस न केवल एक आधुनिक और सुविधाजनक विकल्प है, बल्कि यह पर्यावरण और सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर साबित हो रही है। आने वाले वर्षों में इसका विस्तार और तेज होने की संभावना है, जिससे और अधिक घरों तक यह सुविधा पहुंचेगी।