Edited By Anil Jangid, Updated: 26 Mar, 2026 02:59 PM

जयपुर। पेंशन विरोधी कानून के विरोध में देशव्यापी आंदोलन के तहत आज जिले के पेंशनरों ने जिला कलक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इस अवसर पर सभी उपशाखाओं के सैंकड़ों पेंशनरों ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया और प्रदर्शन के बाद ज्ञापन...
जयपुर। पेंशन विरोधी कानून के विरोध में देशव्यापी आंदोलन के तहत आज जिले के पेंशनरों ने जिला कलक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। इस अवसर पर सभी उपशाखाओं के सैंकड़ों पेंशनरों ने कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया और प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपा।
पेंशनरों को दो भागों में विभाजित किया
राजस्थान पेंशनर समाज के प्रदेश महामंत्री किशन शर्मा ने बताया कि सरकार ने वित विधेयक के माध्यम से पेंशनरों को दो भागों में विभाजित कर दिया और 1972 से पेंशन व पेंशन नियमों में बदलाव का अधिकार लेकर पेंशनरों के हितों पर कुठाराघात किया है। इसके साथ ही न्यायालय में जाने जा अधिकार भी समाप्त कर दिया है। आठवें वेतनमान आयोग में भी पेंशनरों के हितों की अनदेखी की गई है।
कानून के विरोध में मनाया काला दिवस
प्रदेश महामंत्री शर्मा ने बताया कि आज देश भर में इस कानून के विरोध में पेंशनरों ने काला दिवस मनाते हुए विरोध जताया है। आज राज्य में राजस्थान पेंशनर समाज के बैनर तले सभी जिलों उप खंडों में पेंशनरो ने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिए हैं।
बड़ी संख्या में पेंशनर शामिल हुए
इस अवसर पर आयोजित सभा को राजस्थान पेंशनर समाज के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह मनोहर, प्रदेश महामंत्री किशन शर्मा, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक सिंह चंदेल जिलाध्यक्ष जी के मीणा, महामंत्री मदन लाल शर्मा व सभी उपशाखा अध्यक्षों ने संबोधित किया। इस अवसर पर मुरलीपुरा, झोटवाड़ा, विद्याधरनगर, वैशाली नगर, मान सरोवर, प्रतापनगर, मालवीय नगर, सांगानेर, सोडाला आदि उपशाखाओं से बड़ी संख्या में पेंशनर शामिल हुए।