Edited By Ishika Jain, Updated: 08 Jun, 2026 06:11 PM

राजस्थान में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने सरकार से जल्द समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
राजस्थान में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। संगठन ने सरकार से जल्द समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
इसी क्रम में कर्मचारियों ने सोमवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मामलों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के अनुसार 10 जून को प्रदेशभर में आधे दिन का पेन डाउन हड़ताल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन ने 7 जुलाई को जयपुर में जल महल तक पदयात्रा निकालने और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने की भी घोषणा की है।
कर्मचारियों का आरोप है कि मंत्रालयिक संवर्ग से जुड़े हजारों कार्मिकों की सेवा, कैडर और पदोन्नति संबंधी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। संगठन का कहना है कि विभिन्न प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर कर्मचारियों की मांगों को लगातार टाला जा रहा है।
ज्ञापन में ग्राम पंचायतों में कार्यरत कनिष्ठ और वरिष्ठ सहायकों के लिए स्पष्ट अधिकार और जॉब चार्ट जारी करने, पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय अनुमोदन प्रणाली लागू करने, कैडर पुनर्गठन और पदोन्नति के अवसर बढ़ाने जैसी मांगें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा अंतरजिला स्थानांतरण की सुविधा, वेतनमान और भत्तों से जुड़े मुद्दों के समाधान तथा सेवा संबंधी अन्य मांगों को भी सरकार के समक्ष रखा गया है।
संगठन के जिलाध्यक्ष इन्द्रजीत शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आगामी चरणों में जयपुर में पदयात्रा, विरोध प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।