Edited By Anil Jangid, Updated: 22 Mar, 2026 05:38 PM

पाली: राजस्थान के पाली जिले में विधायक और जनता के बीच सीधे संवाद को मजबूत करने के लिए विधायक सेवा केंद्र की स्थापना की गई है। यह केंद्र जल संसाधन विभाग परिसर में स्थित है और इसका उद्घाटन विधायक भीमराज भाटी ने विधिवत पूजन करके किया। इस केंद्र का...
पाली: राजस्थान के पाली जिले में विधायक और जनता के बीच सीधे संवाद को मजबूत करने के लिए विधायक सेवा केंद्र की स्थापना की गई है। यह केंद्र जल संसाधन विभाग परिसर में स्थित है और इसका उद्घाटन विधायक भीमराज भाटी ने विधिवत पूजन करके किया। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य विधानसभा क्षेत्र पाली के निवासियों को अपनी समस्याओं का समाधान सीधे विधायक तक पहुँचाने का मौका देना है।
सेवा केंद्र में विधायक के बैठने के लिए एक अलग कक्ष और आमजन की सुविधा के लिए एक बड़ा हॉल तैयार किया गया है। इस हॉल में लोग बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर सकते हैं और विधायक से सीधे मिल सकते हैं। विधायक के अलावा, इस केंद्र में उनकी ओर से नियुक्त एक प्रतिनिधि भी रहेगा, जो आमजन की समस्याओं को सुनेगा और उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाकर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। इस पहल से लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने में राहत मिलेगी।
केंद्र में कम्प्यूटर और प्रिंटर की व्यवस्था की गई है, जिससे किसी भी व्यक्ति की समस्या के लिए तुरंत पत्र तैयार किया जा सके। साथ ही, ई-मेल से प्राप्त शिकायतों का भी जवाब यहीं से दिया जाएगा। सोशल मीडिया के जरिए आने वाली समस्याओं का समाधान करने की भी व्यवस्था की गई है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके।
विधायक कोष से इस सेवा केंद्र के निर्माण और विकास पर 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इन पैसों से यूआईटी की ओर से जल संसाधन विभाग परिसर में स्थित पुराने भवन की मरम्मत करवाई गई और उसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया। इस भवन में बैठने की बेहतर व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है ताकि किसी भी व्यक्ति को असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस उद्घाटन समारोह में कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह राजपुरोहित, संगीता बेनीवाल, खेतसिंह मेड़तिया, भूराराम सीरवी, गोरधन देवासी, हकीम भाई सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे जनसुविधा के लिए उपयोगी बताया। यह केंद्र अब आमजन और जनप्रतिनिधि के बीच एक प्रभावी संवाद का माध्यम बनेगा।