Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Mar, 2026 06:58 PM

राजसमंद। राजसमंद जिले के रासबन क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर ओवरलोड वाहनों का बेखौफ संचालन रात के समय भी जारी है, जिससे न केवल सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं, बल्कि स्थानीय लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है। जबकि परिवहन विभाग बार-बार कार्रवाई...
राजसमंद। राजसमंद जिले के रासबन क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर ओवरलोड वाहनों का बेखौफ संचालन रात के समय भी जारी है, जिससे न केवल सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं, बल्कि स्थानीय लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है। जबकि परिवहन विभाग बार-बार कार्रवाई के दावे करता है, लेकिन जमीनी स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है।
सूत्रों के अनुसार, रात होते ही हाईवे पर भारी ट्रक और डंपर ओवरलोड होकर दौड़ने लगते हैं। इन वाहनों में निर्धारित क्षमता से कहीं ज्यादा माल भरा होता है, जो सड़क पर गहरे खांचे और क्षति की वजह बनता है। इस कारण, सड़क के सतह पर गड्ढे और दरारें पड़ रही हैं, जो आने-जाने वाले वाहनों के लिए एक बड़ी चुनौती और खतरे का कारण बन रही हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, और रात के समय ओवरलोड वाहनों पर कोई भी प्रभावी निगरानी नहीं की जाती। कई बार शिकायतें भी दर्ज कराई गईं, लेकिन परिवहन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। वाहनों के ओवरलोडिंग की वजह से सड़क की स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है, और यह सीधे तौर पर आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मुद्दा बन गया है।
परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर चालान और कार्रवाई की बात की जाती है, लेकिन हाईवे पर ओवरलोड वाहन लगातार दौड़ते देखे जा रहे हैं। यह विभाग की लापरवाही और समुचित निगरानी की कमी को उजागर करता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन ओवरलोड वाहनों पर कब तक काबू पाया जाएगा। क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे? यह सवाल स्थानीय लोगों के मन में चिंता का कारण बना हुआ है।