Edited By Anil Jangid, Updated: 07 Mar, 2026 04:01 PM

पाली: राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों से निकले तीन युवाओं ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न केवल अपनी मेहनत और संकल्प की मिसाल पेश की है, बल्कि यह साबित किया है कि किसी भी परिस्थिति में अगर लक्ष्य साध लिया जाए तो सफलता निश्चित होती...
पाली: राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों से निकले तीन युवाओं ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न केवल अपनी मेहनत और संकल्प की मिसाल पेश की है, बल्कि यह साबित किया है कि किसी भी परिस्थिति में अगर लक्ष्य साध लिया जाए तो सफलता निश्चित होती है।
पाली जिले के मुंडारा गांव की डॉक्टर गरिमा परमार ने अपने चौथे प्रयास में 326वीं रैंक प्राप्त की है। उन्होंने होम्योपैथी में स्नातक किया और इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए। डॉ. गरिमा ने बताया कि जीवन में कड़ी संघर्षों के बावजूद उन्होंने अपने परिवारजनों, खासकर अपने बड़े पिता, जो स्वास्थ्य विभाग के निदेशक हैं, से प्रेरणा ली और यह सफलता हासिल की।
मारवाड़ जंक्शन के अभिषेक मीणा को यूपीएससी परीक्षा में 766वीं रैंक प्राप्त हुई। दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में पीएचडी करने वाले अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने निरंतर अध्ययन और दृढ़ संकल्प को दिया। वे फिलहाल भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
जैतारण के पंकज सोनी ने ओबीसी वर्ग में 130वीं रैंक प्राप्त कर यह साबित किया कि यदि किसी के मन में संकल्प हो तो सफलता पाना असंभव नहीं। पंकज ने पहले सीए की डिग्री प्राप्त की और फिर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में असिस्टेंट फाइनेंस मैनेजर के पद पर कार्य करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी।
इन तीनों अभ्यर्थियों की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं तो किसी भी कठिन परिस्थिति से निकलकर सफलता हासिल की जा सकती है।