Edited By Anil Jangid, Updated: 04 Jun, 2026 04:38 PM

जालोर: राजस्थान के जालोर जिले के अहोर थाना क्षेत्र के जोगावा गांव में चार साल पुरानी पारिवारिक रंजिश ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया। बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना में एक भतीजे ने अपने ही चाचा की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी। यह...
जालोर: राजस्थान के जालोर जिले के अहोर थाना क्षेत्र के जोगावा गांव में चार साल पुरानी पारिवारिक रंजिश ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया। बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना में एक भतीजे ने अपने ही चाचा की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी। यह वारदात बस स्टैंड के पास दिनदहाड़े हुई, जिससे पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, मृतक अखाराम मेघवाल (40) बस स्टैंड के पास पानी की टंकी के पास बैठे थे, तभी उनका भतीजा वीजाराम (24) हाथ में कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा। बिना किसी बहस या चेतावनी के आरोपी ने अचानक हमला कर दिया और चाचा के सिर तथा गर्दन पर कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण अखाराम की मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया और हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली। घटना की सूचना मिलते ही जालोर डीएसपी और आहोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू की। एफएसएल और एमओबी टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्या की जड़ें चार साल पुराने एक विवाद से जुड़ी हैं। उस समय दोनों परिवारों के बीच घर के सामने खड़े बबूल के पेड़ को काटने को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में हिंसक झगड़े में बदल गया था। उसी दौरान हुए संघर्ष में आरोपी के पिता मोपाराम घायल हुए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसी मौत का बदला लेने की भावना में आरोपी ने वर्षों से रंजिश पाल रखी थी।
ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी कई बार सार्वजनिक रूप से बदला लेने की धमकी दे चुका था और उसने इस हत्या की योजना पहले से बना रखी थी। मृतक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था, जबकि आरोपी ट्रैक्टर चालक है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है कि यह हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी या किसी तात्कालिक उकसावे का परिणाम। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि पुरानी रंजिशें किस तरह पूरे परिवार और गांव को हिंसा की आग में झोंक सकती हैं।