नागौर-डीडवाना का शानदार प्रदर्शन, 10वीं बोर्ड रिजल्ट में प्रदेश में बनाई टॉप रैंक

Edited By Anil Jangid, Updated: 25 Mar, 2026 07:37 PM

nagaur and didwana kuchaman shine in class 10 results

नागौर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा जारी वर्ष 2026 के दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। हालांकि नागौर जिला इस बार तीसरे स्थान से...

नागौर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा जारी वर्ष 2026 के दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। हालांकि नागौर जिला इस बार तीसरे स्थान से खिसककर चौथे स्थान पर आ गया, लेकिन उसका प्रदर्शन अब भी टॉप-5 जिलों में शामिल है।

 

इस वर्ष नागौर जिले का कुल परिणाम 97.09 प्रतिशत रहा है, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग स्थिर है। वहीं डीडवाना-कुचामन जिले ने शानदार सुधार करते हुए 97.59 प्रतिशत परिणाम के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष यह जिला चौथे स्थान पर था, जिससे यह स्पष्ट है कि इस बार यहां शिक्षा के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

 

प्रदेश स्तर पर झुंझुनूं 97.77 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि सीकर 97.43 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। जोधपुर 96.48 प्रतिशत के साथ पांचवें स्थान पर रहा।

 

नागौर जिले में इस वर्ष कुल 27,361 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 27,003 परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 26,217 विद्यार्थी सफल रहे। जिले में 16,789 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी, 8,351 ने द्वितीय श्रेणी और 1,077 ने तृतीय श्रेणी में सफलता प्राप्त की।

 

वहीं डीडवाना-कुचामन जिले में 26,765 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 26,416 परीक्षा में शामिल हुए और 25,780 सफल रहे। यहां 17,086 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी, 7,629 ने द्वितीय और 1,065 ने तृतीय श्रेणी प्राप्त की।

 

परिणामों में एक बार फिर छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। नागौर में छात्राओं का परिणाम 97.31 प्रतिशत रहा, जबकि छात्रों का 96.89 प्रतिशत रहा। वहीं डीडवाना-कुचामन में छात्राओं का परिणाम 97.92 प्रतिशत और छात्रों का 97.30 प्रतिशत रहा।

 

पिछले 11 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नागौर जिले के परिणाम में करीब 11 प्रतिशत का सुधार हुआ है। वर्ष 2015 में 86 प्रतिशत परिणाम के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पाने वाला नागौर अब 97 प्रतिशत से अधिक परिणाम के बावजूद चौथे स्थान पर है। यह दर्शाता है कि पूरे प्रदेश में शिक्षा स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

 

कुल मिलाकर, दोनों जिलों का प्रदर्शन राजस्थान में शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।

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