Edited By Afjal Khan, Updated: 12 Feb, 2026 04:22 PM

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बुधवार अपना तीसरा पूर्व बजट पेश किया। वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में ये बजट पेश किया। प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को लेकर बांसवाड़ा-डूंगरपुर से बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने कड़ी...
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने बुधवार अपना तीसरा पूर्व बजट पेश किया। वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में ये बजट पेश किया। प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को लेकर बांसवाड़ा-डूंगरपुर से बीएपी सांसद राजकुमार रोत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में आदिवासी बहुल जिलों की अपेक्षाओं को नजरअंदाज किया गया है।
सांसद रोत ने कहा कि बांसवाड़ा और डूंगरपुर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की स्थिति लंबे समय से चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में शिक्षा संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान की उम्मीद थी, लेकिन सरकार की ओर से सीमित बजट आवंटन किया गया, जो जरूरतों के मुकाबले काफी कम है।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में ट्राइबल टूरिज्म कॉरिडोर की स्थापना, माही और कडाना बांध से बांसवाड़ा-डूंगरपुर की नदियों व तालाबों को जोड़ने वाली व्यापक सिंचाई परियोजना की मांग वर्षों से की जा रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इस बार बजट में इन परियोजनाओं को लेकर ठोस घोषणा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
रोत ने युवाओं के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को सरकारी नौकरियों और विशेष रोजगार पैकेज की आशा थी, परंतु बजट में इस दिशा में भी कोई बड़ी पहल नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि यह बजट क्षेत्र की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया।