Edited By Sourabh Dubey, Updated: 28 Sep, 2026 12:12 PM

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा फाउंडेशन, नई दिल्ली ने मांडव निवासी मोहन सिंह बारोड़ को उदयपुर संभाग अध्यक्ष मनोनीत किया है। फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरिराज प्रसाद गुप्ता एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने बारोड़ की सामाजिक जागरूकता, कार्यशैली,...
डूंगरपुर। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा फाउंडेशन, नई दिल्ली ने मांडव निवासी मोहन सिंह बारोड़ को उदयपुर संभाग अध्यक्ष मनोनीत किया है। फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरिराज प्रसाद गुप्ता एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने बारोड़ की सामाजिक जागरूकता, कार्यशैली, समर्पण और क्षेत्रवासियों के हित में किए जा रहे कार्यों को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।
बोर्ड ऑफ मेंबर्स के निर्णय के बाद फाउंडेशन की ओर से उनके मनोनयन की घोषणा की गई। नई जिम्मेदारी के तहत बारोड़ उदयपुर संभाग में मानवाधिकारों के संरक्षण और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की दिशा में कार्य करेंगे।
मानवाधिकारों के संरक्षण में निभाएंगे भूमिका
फाउंडेशन की ओर से उम्मीद जताई गई है कि मोहन सिंह बारोड़ समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, उत्पीड़न, शोषण, भय, आतंकवाद और मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी घटनाओं को शासन-प्रशासन के संज्ञान में लाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इसके साथ ही वे पीड़ित लोगों को जनहित और न्यायहित में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन के सहयोग से प्रयास करेंगे। संबंधित मामलों में हुई कार्रवाई और उनके निराकरण की जानकारी फाउंडेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
पदाधिकारियों और सदस्यों ने दी बधाई
मोहन सिंह बारोड़ के उदयपुर संभाग अध्यक्ष मनोनीत होने पर फाउंडेशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने खुशी जताई। प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह सोलंकी, जिला अध्यक्ष भूरीलाल लबाना, महासचिव पृथ्वीराज जैन और तहसील अध्यक्ष विनोद कुमार पंड्या सहित अन्य सदस्यों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी।
इस अवसर पर सुनील चौबीस, मुख्तार हुसैन, दिलीप सिंह गहलोत, महेश चंद्र सुथार, दिलीप सिंह सोलंकी, डॉ. कृष्णकांत पंड्या, पद्मेश गांधी और योगेश पंड्या समेत फाउंडेशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बारोड़ को शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
फाउंडेशन पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि मोहन सिंह बारोड़ अपनी नई जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए मानवाधिकारों के संरक्षण और पीड़ितों की सहायता के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करेंगे।