Edited By Anil Jangid, Updated: 22 Apr, 2026 05:19 PM

करौली: करौली नगर परिषद ने शहर के 14 प्रमुख मैरिज गार्डन और पैलेस संचालकों पर एक कड़ी कार्रवाई करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। ये सभी संचालक नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) के बकाया भुगतान के लिए जिम्मेदार हैं, जिसकी वसूली को लेकर प्रशासन ने...
करौली: करौली नगर परिषद ने शहर के 14 प्रमुख मैरिज गार्डन और पैलेस संचालकों पर एक कड़ी कार्रवाई करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। ये सभी संचालक नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) के बकाया भुगतान के लिए जिम्मेदार हैं, जिसकी वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है। यदि निर्धारित समय में बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो इन सभी मैरिज हॉल और पैलेस को सील कर दिया जाएगा।
शादी सीजन के दौरान यह कदम उठाते हुए नगर परिषद ने मैरिज गार्डन संचालकों को नोटिस जारी किया है। इन 14 मैरिज गार्डनों पर करीब 1.25 करोड़ रुपये का नगरीय विकास कर बकाया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि शादी सीजन के बावजूद किसी भी डिफॉल्टर को कोई रियायत नहीं दी जाएगी और समय पर भुगतान न होने पर राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा-129 के तहत तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
जारी की गई सूची के अनुसार, प्रमुख मैरिज गार्डनों पर लाखों रुपये का कर बकाया है। इनमें भंवर विलास पैलेस पर 19.10 लाख रुपये, बाबूभाई पैराडाइज पर 14.07 लाख रुपये, लक्ष्मी मैरिज गार्डन पर 11.60 लाख रुपये, आशीर्वाद मैरिज होम पर 11.87 लाख रुपये, गर्ग पैलेस पर 11.01 लाख रुपये और करौली इन मैरिज गार्डन पर 10.76 लाख रुपये का बकाया है।
इसके अलावा वृन्दावन गार्डन, जिंदल मैरिज गार्डन, गोवर्धन पैलेस, लाडली पैलेस, द्वारिकाधीश, शिवशक्ति, गणेश बैंक्वेट हॉल और शिवलॉज जैसे प्रतिष्ठित मैरिज गार्डन को भी नोटिस जारी किया गया है। इन सभी को दो दिन के भीतर बकाया राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस आदेश से उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है जिन्होंने पहले ही इन मैरिज गार्डनों में शादी समारोह के लिए बुकिंग कर रखी है। अगर समय पर टैक्स जमा नहीं हुआ तो इन मैरिज गार्डनों को सील किया जा सकता है, जिससे उनके कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं।
करौली के एसडीएम और कार्यवाहक नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा ने कहा कि विकास कर की वसूली लंबे समय से लंबित थी और अब इसे किसी भी हाल में वसूला जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सख्त कार्रवाई की जाएगी और बकाया राशि का भुगतान न करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।