Edited By Anil Jangid, Updated: 16 Mar, 2026 06:37 PM

कोटा: कोटा जिले में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री Madan Dilawar ने शराब छोड़ने के बदले गांव के विकास के लिए 80 लाख रुपए देने की घोषणा कर एक अनोखी पहल की। यह घटना उनकी जनहिताय-जनसुखाय पदयात्रा के अंतिम दिन ग्राम पंचायत बोराबास के भैरूपुरा गांव में...
कोटा: कोटा जिले में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री Madan Dilawar ने शराब छोड़ने के बदले गांव के विकास के लिए 80 लाख रुपए देने की घोषणा कर एक अनोखी पहल की। यह घटना उनकी जनहिताय-जनसुखाय पदयात्रा के अंतिम दिन ग्राम पंचायत बोराबास के भैरूपुरा गांव में सामने आई।
जब पदयात्रा गांव पहुंची तो चौपाल पर ग्रामीणों—जिनमें बड़ी संख्या भील समुदाय के लोगों की थी—ने अपनी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। इस दौरान मंत्री ने कहा कि वे गांव की सभी मांगें पूरी करने को तैयार हैं, लेकिन इसके बदले ग्रामीणों को भी उनकी एक शर्त माननी होगी। मंत्री की यह बात सुनकर सभा में मौजूद लोग कुछ क्षण के लिए चौंक गए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी से पैसे नहीं चाहिए, बल्कि गांव के पुरुषों से केवल “शराब की बोतल” चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे पानी से भरा लोटा हाथ में लेकर यह सौगंध लें कि आज के बाद शराब का सेवन नहीं करेंगे। पहले तो कुछ लोग असमंजस में दिखे, लेकिन गांव के वरिष्ठ लोगों के समझाने के बाद एक-एक कर सभी पुरुष मंच पर आए और पानी का लोटा हाथ में लेकर शराब न पीने की शपथ ली।
इसके बाद मंत्री ने गांव के विकास के लिए कुल 80 लाख रुपए की घोषणा की। इसमें 30 लाख रुपए नाली और सीसी रोड निर्माण के लिए, 35 लाख रुपए आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए, 5 लाख रुपए श्मशान घाट की चारदीवारी के लिए और 10 लाख रुपए सामुदायिक भवन निर्माण के लिए दिए जाएंगे। साथ ही अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री ने ग्रामीणों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी ने दोबारा शराब पीना शुरू किया तो विकास कार्यों के लिए दी गई राशि रोक दी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों को स्कूल भेजने और नशे से दूर रहने की अपील की।
गौरतलब है कि मंत्री मदन दिलावर ने 13 मार्च को नयागांव से चार दिवसीय जनहिताय-जनसुखाय पदयात्रा की शुरुआत की थी, जिसका समापन सोमवार को बोराबास क्षेत्र में हुआ। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया।