Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 09 Mar, 2026 07:45 PM

भीलवाड़ा । दुनिया की अग्रणी एयर कंप्रेसर निर्माता कंपनियों में से एक, एल्जी इक्विपमेंट्स लिमिटेड (बीएसई: 522074 | एनएसई: एल्जीइक्विप) ने आज अपना डिमांड-मैच सिस्टम प्रदर्शित किया।
भीलवाड़ा । दुनिया की अग्रणी एयर कंप्रेसर निर्माता कंपनियों में से एक, एल्जी इक्विपमेंट्स लिमिटेड (बीएसई: 522074 | एनएसई: एल्जीइक्विप) ने आज अपना डिमांड-मैच सिस्टम प्रदर्शित किया। यह एक इनोवेशन है जो प्लांट में एयर की डिमांड ऊपर-नीचे होने के दौरान फिक्स्ड-स्पीड कंप्रेसर की परफॉरमेंस बेहतर बनाता है। यह सिस्टम एल्जी ईजी और ईक्यू सीरीज एयर कंप्रेसर में लगा होता है। यह अंदर ही अंदर हवा के प्रवाह को समझदारी से घुमाकर यानी रीसर्कुलेट करके कंप्रेसर की हवा की सप्लाई को प्लांट की रियल-टाइम जरूरत के अनुसार अपने आप समायोजित कर देता है। इसका फायदा यह होता है कि फिक्स्ड-स्पीड मशीनों की सादगी और मजबूती भी बनी रहती है और साथ ही वीएफडी मशीनों जैसी बिजली की बचत भी मिलती है।
अधिकतर फैक्ट्रियों में फिक्स्ड-स्पीड कंप्रेसर इस्तेमाल होते हैं। ये मशीनें मांग कम होने पर भी लगातार एक जैसी मात्रा में हवा देती रहती हैं, जिससे बिजली की ज्यादा खपत होती है। एल्जी का डिमांड-मैच सिस्टम इन मशीनों में समझदारी से काम करने वाली तकनीक जोड़ देता है। यह प्लांट की जरूरत को देखकर रियल-टाइम में हवा की सप्लाई अपने आप कम-ज्यादा कर देता है। इससे ग्राहकों को बिजली की बचत होती है, मशीनों पर घिसाव कम होता है और काम रुकने की संभावना भी कम हो जाती है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह सब बिना ज्यादा पैसा या भारी निवेश किए ही संभव हो जाता है।
चुनौती: लगातार आउटपुट बनाम बदलती मांग
अधिकतर प्लांट्स में कम्प्रेस्ड एयर की मांग हर मिनट और हर शिफ्ट में बदलती रहती है, क्योंकि अलग-अलग जगहों पर हवा का उपयोग अलग-अलग मात्रा में होता है। लेकिन फिक्स्ड-स्पीड कंप्रेसर आमतौर पर कट-इन और कट-आउट प्रेशर के बीच साइक्लिंग करके काम करते हैं। इसके कारण कई समस्याएं पैदा होती हैं,
जैसे: ऊर्जा की ज्यादा बर्बादी
प्रेशर का जरूरत से ज्यादा बढ़ जाना
मशीन का बार-बार ऑन-ऑफ होना, जिससे महत्वपूर्ण पार्ट्स पर ज्यादा दबाव पड़ता है।