318 करोड़ की लागत से बदलेगी कोटा के रेलवे स्टेशनों की तस्वीर, ग्रीन स्टेशन के रूप में मिलेगी नई पहचान

Edited By Anil Jangid, Updated: 24 May, 2026 04:10 PM

kota railway stations transforming into green stations

कोटा। राजस्थान के कोटा शहर के दो प्रमुख रेलवे स्टेशन — कोटा जंक्शन और न्यू कोटा (डकनिया तालाब) रेलवे स्टेशन — अब आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं के साथ नई पहचान बनाने जा रहे हैं। भारतीय रेलवे की ओर से दोनों स्टेशनों का अंतरराष्ट्रीय स्तर की तर्ज...

कोटा। राजस्थान के कोटा शहर के दो प्रमुख रेलवे स्टेशन — कोटा जंक्शन और न्यू कोटा (डकनिया तालाब) रेलवे स्टेशन — अब आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं के साथ नई पहचान बनाने जा रहे हैं। भारतीय रेलवे की ओर से दोनों स्टेशनों का अंतरराष्ट्रीय स्तर की तर्ज पर पुनर्विकास किया जा रहा है। करीब 318 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत कोटा जंक्शन पर 207 करोड़ रुपए और न्यू कोटा रेलवे स्टेशन पर लगभग 111 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

 

रेलवे अधिकारियों के अनुसार दोनों स्टेशनों को “ग्रीन स्टेशन” अवधारणा के तहत विकसित किया जा रहा है। यहां बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। कोटा जंक्शन पर 470 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र लगाया जा चुका है, जबकि न्यू कोटा रेलवे स्टेशन पर करीब 250 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इससे स्टेशन परिसर, कार्यालयों और अन्य सुविधाओं के संचालन में ऊर्जा बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

दिल्ली-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर स्थित कोटा जंक्शन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन 220 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक लिफ्ट, एस्केलेटर और विशेष रैंप लगाए गए हैं। विद्यार्थियों के लिए छात्र सहायता काउंटर और अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

 

पुनर्विकास के बाद स्टेशन परिसर में आधुनिक आर्किटेक्चर के साथ हैरिटेज डिजाइन की झलक दिखाई देगी। यात्रियों को वेंटिलेटेड कॉनकोर्स, आधुनिक लाउंज, फूड कोर्ट, बच्चों के खेलने के क्षेत्र और रिटेल दुकानों जैसी सुविधाएं मिलेंगी। प्लेटफॉर्म पर भीड़भाड़ कम करने के लिए 6 मीटर चौड़े नए फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। साथ ही 9 नई लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे।

 

स्टेशन के बाहर ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए व्यापक ट्रैफिक सर्कुलेशन प्लान तैयार किया गया है। करीब 4,500 वर्गमीटर क्षेत्र में आधुनिक पार्किंग विकसित की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हाई-डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरे, डिजिटल नेविगेशन सिस्टम और ट्रेनों की रियल टाइम जानकारी देने वाले बड़े डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

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