कोटा महंत देवानंद हत्याकांड: 1 महिला गिरफ्तार, नाबालिग निरुद्ध, 750 बीघा जमीन विवाद में बड़ा खुलासा

Edited By Anil Jangid, Updated: 13 Jun, 2026 01:59 PM

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कोटा। कोटा में बहुचर्चित चन्द्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज हत्याकांड में पुलिस जांच तेज हो गई है। मामले में पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो को न्यायालय...

कोटा। कोटा में बहुचर्चित चन्द्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज हत्याकांड में पुलिस जांच तेज हो गई है। मामले में पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो को न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

 

सिटी एसपी के अनुसार यह हत्या किसी व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम नहीं बल्कि मठ की संपत्ति और नियंत्रण को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद का नतीजा है। जांच में सामने आया है कि करीब 750 बीघा भूमि और बैंक खातों में जमा लगभग 4.33 करोड़ रुपए की संपत्ति को लेकर दो गुटों के बीच संघर्ष चल रहा था। इसी विवाद ने कथित तौर पर हत्या की साजिश का रूप ले लिया।

 

पुलिस ने बताया कि इस मामले में Santosh Kumar Rai को मुख्य आरोपी माना जा रहा है, जिस पर हत्या की सुपारी देने का आरोप है। वहीं एक अन्य आरोपी पुष्पेंद्र सिंह उर्फ प्रिंस को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब रिमांड के दौरान हथियारों की बरामदगी और साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करेगी।

 

जांच के दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे से भी कार्रवाई करते हुए कुछ और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला, दो पुरुष और एक नाबालिग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में कई स्तरों पर लोग शामिल हो सकते हैं और पूछताछ के बाद और नाम सामने आने की संभावना है।

 

घटना 5 जून की रात की है, जब बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित चन्द्रेसल मठ में महंत देवानंद महाराज की चाकुओं से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।

 

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मठ की लगभग 1100 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। एक गुट नई कार्यकारिणी को कानूनी मान्यता दिलाने के पक्ष में था, जबकि दूसरा गुट इसका विरोध कर रहा था। इसी टकराव ने हिंसक रूप ले लिया।

 

इस हत्याकांड ने Rajasthan में धार्मिक संस्थानों की संपत्ति और उनके प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया जाएगा।

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