Edited By Sourabh Dubey, Updated: 04 Aug, 2026 05:37 PM
राजस्थान सरकार के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान का हर शहर स्वच्छता का मॉडल बनेगा।
किशनगढ़/अजमेर। राजस्थान सरकार के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान का हर शहर स्वच्छता का मॉडल बनेगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन बनना चाहिए। मुख्यमंत्री का विजन प्रदेश को स्वच्छ, सुंदर, हरित और विकसित राजस्थान के रूप में स्थापित करना है।
मंगलवार को किशनगढ़ नगर निकाय में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की कार्यशाला को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत और विकसित राजस्थान का सपना तभी साकार होगा, जब स्वच्छता हर नागरिक की आदत और जिम्मेदारी बने। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर की स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों के भरोसे नहीं रह सकती, बल्कि इसमें प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की समान भागीदारी जरूरी है।
मुख्यमंत्री के विजन को बताया परिवर्तन की आधारशिला
के.के. गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वच्छता को लेकर बेहद गंभीर हैं और लगातार नगर निकायों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे हैं। उनका लक्ष्य केवल शहरों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाली, पर्यावरण संरक्षण, बेहतर शहरी सुविधाएं और स्वच्छ जल स्रोत भी इस विजन का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी नगर निकायों को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप स्वच्छता मॉडल विकसित करना चाहिए ताकि एक शहर की सफलता पूरे राजस्थान के लिए प्रेरणा बन सके।
स्वच्छता मापदंडों को धरातल पर लागू करने के निर्देश
कार्यशाला के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा करते हुए के.के. गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता के मानकों को केवल रिपोर्ट और रिकॉर्ड तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें वास्तविक रूप से लागू करें। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था, घर-घर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, प्लास्टिक नियंत्रण, खाली भूखंडों की सफाई और रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।
प्लास्टिक मुक्त शहरों पर दिया जोर
ब्रांड एंबेसडर ने कहा कि शहरों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए केवल आम नागरिकों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। प्लास्टिक थैलियों के निर्माण, भंडारण और अवैध व्यापार करने वाली इकाइयों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक न केवल पर्यावरण बल्कि गौवंश और अन्य पशुओं के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है।
डूंगरपुर मॉडल का किया उल्लेख
के.के. गुप्ता ने अपने डूंगरपुर कार्यकाल का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां नागरिकों द्वारा गंदगी की सूचना देने पर उन्हें प्रोत्साहित किया जाता था और संबंधित स्थान पर तत्काल सफाई के साथ गंदगी फैलाने वालों पर स्पॉट फाइन लगाया जाता था। उन्होंने कहा कि इससे लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई और डूंगरपुर देशभर में स्वच्छ शहरों की पहचान बना।
खाली भूखंड और सार्वजनिक शौचालय बड़ी चुनौती
उन्होंने कहा कि शहरों में वर्षों से खाली पड़े भूखंड धीरे-धीरे कचरा स्थलों में बदल जाते हैं। ऐसे भूखंड मालिकों को नोटिस देकर सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए और लापरवाही पर जुर्माना वसूला जाना चाहिए। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालयों में नियमित सफाई, पानी, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी उन्होंने जोर दिया।
शहरी सेवा शिविर का भी किया निरीक्षण
कार्यशाला के बाद के.के. गुप्ता ने राजस्थान सरकार द्वारा संचालित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरल, सुगम और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है तथा प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ समाधान होना चाहिए।