Edited By Anil Jangid, Updated: 07 Mar, 2026 03:25 PM

करौली: राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग की फरवरी 2026 की जिला शैक्षिक अकादमिक रैंकिंग में करौली ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इस रैंकिंग में करौली ने बड़े जिलों जैसे जयपुर और जोधपुर को...
करौली: राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग की फरवरी 2026 की जिला शैक्षिक अकादमिक रैंकिंग में करौली ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। इस रैंकिंग में करौली ने बड़े जिलों जैसे जयपुर और जोधपुर को पछाड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। करौली के इस अद्वितीय सफलता से यह जिला अब शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल बन गया है।
रैंकिंग में झुंझुनूं दूसरे और हनुमानगढ़ तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, जयपुर और जोधपुर जैसे प्रमुख जिलों को इस बार शीर्ष स्थानों से बाहर रहना पड़ा। रैंकिंग में उदयपुर और बारां जैसे जिले निचले पायदान पर रहे।
राजस्थान स्कूल शिक्षा विभाग हर महीने जिलों की शैक्षिक अकादमिक रैंकिंग जारी करता है, जिसमें स्कूलों में पढ़ाई का स्तर, विद्यार्थियों का सीखने का स्तर और शिक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन किया जाता है। फरवरी 2026 की इस रैंकिंग में करौली जिले ने अपनी शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों से पहला स्थान हासिल किया।
जिला शिक्षा अधिकारी इंद्रेश शर्मा के अनुसार, करौली में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर प्राथमिक स्तर से ही ध्यान केंद्रित किया गया। कक्षा 3 से 7 तक के बच्चों के सीखने के स्तर पर निरंतर फोकस किया गया। इसके अलावा, District Institute of Education and Training (DIET) के माध्यम से नियमित मॉनिटरिंग और एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग किट्स के उपयोग ने बच्चों की पढ़ाई में महत्वपूर्ण बदलाव किया।
करौली की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही योजना, सख्त मॉनिटरिंग और शिक्षकों की प्रतिबद्धता से सीमित संसाधनों में भी बड़ा बदलाव संभव है। अब शिक्षा विभाग इस मॉडल को अन्य जिलों में लागू करने की योजना बना रहा है।