Edited By Anil Jangid, Updated: 06 Jun, 2026 05:06 PM

करौली: जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन, टीकाकरण...
करौली: जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन, टीकाकरण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी सरकारी एवं संबद्ध चिकित्सा संस्थानों को मां योजना के अंतर्गत 70 प्रतिशत से अधिक क्लेम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए और इसके लिए संबंधित अधिकारी विशेष प्रयास करें। साथ ही उन्होंने करौली और हिंडौन शहर में एचपीवी वैक्सीनेशन की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए।
अक्षय गोदारा ने एएनसी रजिस्ट्रेशन, मिसिंग डिलीवरी, मिसिंग टीकाकरण और जिले के लिंगानुपात की नियमित मॉनिटरिंग करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े सभी मामलों की निरंतर निगरानी की जाए ताकि किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
बैठक में जिले में सक्रिय झोलाछाप चिकित्सकों और अवैध क्लीनिकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कलेक्टर ने ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (बीसीएमओ) को प्रशासन और पुलिस के सहयोग से ऐसे लोगों के खिलाफ मिशन मोड में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।
इसके अलावा भूमि आवंटित स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संपूर्ण टीकाकरण अभियान की प्रगति बढ़ाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश चंद मीणा ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने मां योजना, जननी सुरक्षा योजना और लाडो योजना की प्रगति बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जिले में चल रही योजनाओं की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी साझा की।